एडीजी वी. मुरुगेशन ने LUCC के निदेशकों के खिलाफ सात मामलों में की गई पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की
Uttarakhand देहरादून : उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अपराध एवं कानून व्यवस्था, वी. मुरुगेशन ने बुधवार को सभी जिला प्रभारियों और क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) के निदेशकों के खिलाफ दर्ज कुल सात मामलों में की गई पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान जांच में तेजी लाने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ितों के शिकायती आवेदनों पर तुरंत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए। एडीजी ने यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में स्थित लगभग 35 शाखाओं के मुख्य संचालकों समीर अग्रवाल (निवासी मुम्बई), पंकज अग्रवाल (निवासी मध्य प्रदेश) तथा शबाब हुसैन (निवासी उत्तर प्रदेश) आदि के विदेश भागने की सम्भावना को ध्यान में रखते हुए लुक आउट सर्कुलर (एलओसी)/रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी किया जाए तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विधिक कार्यवाही के लिए इंटरपोल की मदद ली जाए।
साथ ही उत्तर प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद अभियुक्तों को वारंट बी पर लाकर नियमानुसार पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाए तथा निवेशकों की सम्पत्ति की वसूली की जाए तथा उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति को जब्त किया जाए। पंजीकृत मुकदमों की विस्तृत रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा भारत सरकार के आयकर विभाग के स्थानीय कार्यालयों को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
एडीजी ने यह भी कहा कि मनी ट्रेल के आधार पर अभियुक्तों के बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्यवाही की जाए। जांच के दौरान रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) से अभिलेख प्राप्त किए जाएं तथा साक्ष्यों के आधार पर उत्तराखंड जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय प्रतिष्ठानों में) अधिनियम, 2005 (यूपीआईडी एक्ट) अथवा अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम, 2019 (बीयूडीएस एक्ट) के तहत भी मामले दर्ज किए जाएं, ताकि निवेशकों व पीड़ितों का पैसा वापस दिलाने के लिए सक्षम अधिकारी से पत्राचार किया जा सके। (एएनआई)