भगवानपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भगवानपुर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम से पहले गुरुवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आजाद समाज पार्टी (आसपा) के विधानसभा संयोजक अमित कुमार ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन की रणनीति तैयार की थी। बताया गया कि कार्यकर्ता मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की तैयारी में थे।
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और खुफिया विभाग सक्रिय हो गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आसपा विधानसभा संयोजक अमित कुमार को हिरासत में ले लिया और उन्हें भगवानपुर थाने ले जाया गया।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। वीआईपी दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जैसे ही पुलिस को संभावित विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिली, अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने प्रदर्शन की तैयारी कर रहे लोगों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।
आसपा नेता अमित कुमार की हिरासत के बाद कार्यकर्ताओं में भी हलचल देखने को मिली। हालांकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाने की बात कही। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में किसी तरह का व्यवधान न हो और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू बनी रहे, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
वहीं, आसपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों और स्थानीय मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे। उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना था। कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी भी जताई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में था। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा जांच, यातायात व्यवस्था और लोगों की आवाजाही को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन की कोशिशें अक्सर देखने को मिलती हैं। विपक्षी और सामाजिक संगठन अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए ऐसे अवसरों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि प्रशासन की प्राथमिकता कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना होती है।
भगवानपुर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आसपा नेताओं ने आने वाले समय में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं, जबकि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखी। कार्यक्रम स्थल के आसपास तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे।
फिलहाल आसपा संयोजक अमित कुमार को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई और हिरासत को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
इस पूरे घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री के भगवानपुर दौरे से पहले क्षेत्र की राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया है। जहां प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर आया, वहीं विरोध की तैयारी ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी।