फाइल फोटो 

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। यूकेएसएसएससी पेपर लीक भर्ती (UKSSSC Paper Leak) किसी भी सरकारी कर्मचारी को चौबीस घंटे से अधिक समय तक जेल में बिताने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का प्रावधान है। लेकिन, सचिवालय प्रशासन ने भर्ती घपले में गिरफ्तार दो अपर निजी सचिवों (एपीएस) को 12 दिन बाद भी निलंबित नहीं किया है। इससे सचिवालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के भर्ती घपले में दोनों अपर निजी सचिव गिरफ्तार हुए थे। ये दोनों 2021 बैच के हैं और इनका अभी तक स्थायीकरण तक नहीं हुआ है। लेकिन, सचिवालय प्रशासन इस बारे में न्याय विभाग से परामर्श ही मांग रहा है। सूत्रों ने बताया कि एक अपर निजी सचिव के मामले में सचिवालय प्रशासन ने एसटीएफ से ही गिरफ्तारी का ब्योरा मांगा है।
पूछा है कि आरोपी कर्मचारी पर क्या आरोप हैं और क्यों गिरफ्तार किया गया है। सचिवालय प्रशासन की ओर से यह सवाल ऐसे समय पूछे जा रहे हैं, जब हर किसी को पता चल चुका है कि आरोपी कर्मचारियों को एसटीएफ ने दबोचा है। इधर, सचिव विनोद कुमार सुमन का कहना है कि न्याय विभाग से रिपोर्ट आते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
हाकम तीन, तनुज दो दिन की रिमांड पर
यूकेएसएसएससी (UKSSSC) पेपर लीक भर्ती घपले में एसटीएफ को जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह की तीन और उत्तरकाशी में तैनात रहे शिक्षक तनुज शर्मा की दो दिन की रिमांड मिल गई। मंगलवार से एसटीएफ उन्हें रिमांड पर लेगी। हाकम को उत्तरकाशी, धामपुर ले जाकर पूछताछ होगी। इसके अलावा तनुज शर्मा से भी पूछताछ की जाएगी।
हाकम का सबसे करीबी तनुज शर्मा बताया गया, जिसके घर पर सवाल हल कराए गए। 13 अगस्त को एसटीएफ ने तनुज शर्मा को पकड़ा था। इसके बाद हाकम को भी विदेश से लौटने के बाद गिरफ्तार किया गया, तब वह हिमाचल जाने की फिराक में था। धामपुर में बनाए गए नकल सेंटर में हाकम को ले जाया जा सकता है। यहां करीब 40 युवाओं को पेपर याद कराकर हरिद्वार एवं कुमाऊं के कई केंद्रों पर छोड़ा गया था।
Tags: