पौड़ी गढ़वाल में गुंडा एक्ट के तहत तीन व्यक्तियों को जिला से बाहर किया गया

Update: 2026-01-15 17:33 GMT
Uttarakhand उत्तराखंड: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने हाल के दिनों में गुंडा एक्ट के तहत तीन व्यक्तियों को जिले से बाहर करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम उन लोगों के खिलाफ उठाया गया जिन्होंने अपराध और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसी गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। एसएसपी पंवार ने आगे कहा कि जिले में सतत कार्रवाई जारी है और पुलिस लगातार अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ न केवल गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है, बल्कि उनके अपराधों और संबंधित मामलों की जांच भी लगातार की जा रही है।
पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि ऐसे तत्वों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि जनता सुरक्षित महसूस करे और कोई भी व्यक्ति जिले में अपराध करने का प्रयास न कर सके। इसके लिए गुंडा एक्ट जैसी कड़ी कार्रवाई और नियमित निगरानी दोनों महत्वपूर्ण हैं। एसएसपी पंवार ने यह भी कहा कि जिले में विभिन्न अपराध और पुलिस मामले जैसे मारपीट, चोरी, नकली नोट, नशा और सार्वजनिक दंगों से जुड़े मामलों में भी निरंतर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे पुलिस को ऐसे मामलों की सूचना और सहयोग दें, जिससे अपराधियों के खिलाफ और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि जिले में गुंडा एक्ट का प्रयोग विशेष रूप से उन व्यक्तियों के खिलाफ किया जा रहा है, जो बार-बार अपराध में लिप्त पाए जाते हैं या जिन्हें सामान्य कानून के तहत नियंत्रित करना कठिन हो। इस कानून के तहत ऐसे लोगों को जिला छोड़ने का आदेश दिया जा सकता है ताकि उनकी गतिविधियों को सीमित किया जा सके और स्थानीय जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। 
पुलिस के अनुसार, अब तक जिले से बाहर किए गए तीन व्यक्तियों में ऐसे लोग शामिल हैं जिनके खिलाफ कई अपराध दर्ज थे और वे जिले में शांति भंग करने का खतरा बने हुए थे। पुलिस का कहना है कि जिला प्रशासन और पुलिस बल मिलकर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखेंगे। एसएसपी पंवार ने अंत में कहा, “हमारे प्रयास का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं है, बल्कि जनता को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करना है। गुंडा एक्ट और अन्य कानूनों का उपयोग इसी दिशा में किया जा रहा है।
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