Cyber अपराधों पर लगाम लगाएगा नया सेंटर

Update: 2026-07-14 12:25 GMT

देहरादून, 14 जुलाई। उत्तराखंड में बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (एस4सी) की स्थापना की प्रक्रिया को तेज कर रही है। इस सेंटर के माध्यम से साइबर अपराधों की रोकथाम, जांच और पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एस4सी को जल्द अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस सेंटर के शुरू होने से केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला स्तर की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। इससे साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज होगी और पीड़ितों को समय पर मदद मिल सकेगी।

मुख्य सचिव ने सोमवार को सचिवालय में गृह विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ साइबर अपराधों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल ठगी और अन्य साइबर अपराधों को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य के सभी साइबर पुलिस स्टेशनों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की प्रकृति लगातार बदल रही है, इसलिए पुलिस को आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधन और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत है। उन्होंने साइबर पुलिस स्टेशनों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा 1930 साइबर हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय काफी महत्वपूर्ण होता है। अगर पीड़ित को तुरंत सहायता मिल जाए तो नुकसान को कम किया जा सकता है। इसके लिए हेल्पलाइन का रिस्पांस टाइम कम करने और कॉल सेंटर में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने को कहा गया।

बैठक में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक ई-जीरो एफआईआर को नियमित एफआईआर में बदलने की प्रक्रिया को तेज किया जाए। साथ ही इसे क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) से जोड़ने का काम जल्द पूरा किया जाए।

सरकार का मानना है कि एस4सी की स्थापना से साइबर अपराधों की निगरानी और कार्रवाई के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार होगी। इसके जरिए अलग-अलग विभागों और जांच एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सकेगा।

उत्तराखंड में ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और मजबूत तंत्र की जरूरत महसूस की जा रही थी।

इसके साथ ही सरकार साइबर अपराधों को लेकर आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। लोगों को ऑनलाइन लेनदेन में सावधानी बरतने, संदिग्ध लिंक से बचने और साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जाएगा।

राज्य सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी और डिजिटल धोखाधड़ी के शिकार लोगों को जल्द राहत मिल सकेगी। एस4सी के गठन के बाद उत्तराखंड में साइबर सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की संभावना है।

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