संपन्न शहरों में बढ़ा नवजात मृत्यु दर 4.5 प्रतिशत, इन बिंदुओं पर हुआ सर्वे

सवाल यह उठता है कि शहरी क्षेत्र में तरह-तरह की सुविधाएं होने के बाद नवजात की मौत का आखिर जिम्मेदार कौन है?

Update: 2022-05-08 05:07 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क : उत्तराखंड के सुविधा संपन्न शहरों में 4.5 प्रतिशत नवजात मृत्यु दर बढ़ी है। पिछले पांच सालों के दौरान शहरी क्षेत्र में 36.2 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 30.6 प्रतिशत नवजात की मौत हुई। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस-5) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। हालांकि राहत की खबर यह है कि शिशु मृत्यु दर में 0.6 प्रतिशत की कमी भी आई है।जच्चा-बच्चा सुरक्षित रहें, इसको लेकर सरकार प्रदेश में तमाम योजनाएं चला रही है। प्रसव से पहले घर से लाने व घर तक छोडऩे के लिए 108 व खुशियों की सवारी जैसी सेवाएं हैं।

इसके बावजूद नवजात मृत्यु दर के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। हैरानी की बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नवजात मृत्यु दर कम है।शहरी क्षेत्र में यह आंकड़ा बड़ा है। सवाल यह उठता है कि शहरी क्षेत्र में तरह-तरह की सुविधाएं होने के बाद नवजात की मौत का आखिर जिम्मेदार कौन है? बात अगर पहाड़ की करें तो वहां की महिलाएं प्रसव के लिए डोली में बैठकर कई किलोमीटर पैदल चलकर सुरक्षित प्रसव करा रही हैं।

इन बिंदुओं पर हुआ सर्वे
सर्वे में महिला विवाह, प्रजनन क्षमता, गर्भनिरोधक, बच्चों का टीकाकरण, नवजात व शिशु मृत्यु दर, पोषण, प्रजनन स्वास्थ्य, यौन व्यवहार, महिला सशक्तीकरण, घरेलू हिंसा व बाल विवाह को शामिल किया गया।
प्रदेश में मृत्यु दर (प्रतिशत में)
मृत्यु दर 2015-16 2019-21
नवजात 27.9 32.4
शिशु 39.7 39.1
पांच साल से कम उम्र 46.5 45.6
बाल विवाह व प्रजनन दर के आंकड़े (प्रतिशत में)
विवाह 2015-16 2019-21
महिलाएं 13.8 9.8
पुरुष 17.1 16.07
प्रजनन दर 2.1 1.9
सरकारी अस्पताल में प्रसव की स्थिति (प्रतिशत में)
प्रसव 2015-16 2019-21
कुल प्रसव 53.5 68.8
अस्पताल में 68.6 83.2
सुविधाओं को बढ़ाने पर विशेष ध्यान
डीजी हेल्थ डा. शैलजा भट्ट ने कहा कि डिलीवरी सेंटर में भी एएनएम को रखेंगे। लेडी डाक्टर को भी रखने का प्रयास करेंगे। जिनकी डिलीवरी में अधिक दिक्कत है, ऐसी महिलाओं की डिलीवरी के लिए हायर सेंटर में व्यवस्था की जाएगी। इन्हें पहले ही चिह्नित किया जाएगा। नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। सिक नियोनेटल केयर यूनिट भी बढ़ाएंगे।
सोर्स-jagran
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