भारी बारिश का अलर्ट, Dehradun समेत कई जिलों में स्कूल बंद, भूस्खलन का खतरा बढ़ा
Dehradun, देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 से 23 जुलाई तक पांच दिनों के लिए जिला स्तरीय मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, बिजली गिरने और गरज-चमक की संभावना जताई है।
बारिश के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। देहरादून समेत कई जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। देहरादून जिले में जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र भी संचालित नहीं होंगे। नैनीताल जिले में भी बारिश के अलर्ट को देखते हुए स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं टिहरी जिले में भी बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर समेत कई जिलों में 19 और 20 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश भी हो सकती है, जिससे अचानक बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं 21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 22 और 23 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत पहाड़ी जिलों में तेज बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है।
लगातार हो रही बारिश का असर राज्य के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई सड़कें मलबा आने से प्रभावित हुई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। पर्यटकों और यात्रियों से भी अपील की गई है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं। उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। लगातार बारिश के बीच प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।