उत्तराखंड से 2-3 दिन में विदा होगा मानसून, पांच जिलों में हल्की बारिश के आसार
देहरादून। उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की परिस्थितियां बनने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों से मानसून वापस जा सकता है। इसके साथ ही राज्य में बरसात का मुख्य दौर लगभग समाप्त हो जाएगा। हालांकि वातावरण में कुछ नमी बनी रहने के कारण पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश की संभावना अभी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश का अनुमान जताया है। प्रदेश के अधिकांश अन्य क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। फिलहाल कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार मौजूदा परिस्थितियां मानसून की वापसी के अनुकूल हैं। अगले दो से तीन दिनों के भीतर उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों से दक्षिण-पश्चिम मानसून विदा हो सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है।
सितंबर के अंतिम दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिला था। कुछ जिलों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ और चारधाम यात्रा को भी सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था। अब बारिश का दौर कमजोर पड़ने के साथ मौसम की स्थिति सामान्य होने लगी है और यात्रा गतिविधियां फिर से तेज हो रही हैं।
पिछले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। जखोली में करीब 20 मिलीमीटर, जानकीचट्टी में नौ मिलीमीटर, कर्णप्रयाग में 8.5 मिलीमीटर, ताकुला में 7.5 मिलीमीटर और थल में चार मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा चौबटिया रानीखेत और मुक्तेश्वर में भी हल्की वर्षा हुई।
देहरादून में बुधवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मानसून की वापसी के साथ आने वाले दिनों में दिन के समय धूप बढ़ सकती है, जबकि रात और सुबह के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू होने की संभावना है। अक्टूबर आगे बढ़ने के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडक भी महसूस होने लगेगी।
मानसून के कमजोर पड़ने का सीधा असर चारधाम यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। खराब मौसम के कारण कुछ दिनों तक यात्रा प्रभावित रही थी, लेकिन अब मौसम में सुधार के साथ तीर्थयात्रियों की संख्या फिर बढ़ रही है। ऋषिकेश स्थित पंजीकरण केंद्रों पर रोजाना दो हजार से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं।
बुधवार को सुबह से ही ऋषिकेश के ट्रांजिट केंद्र और यात्रा बस अड्डे पर तीर्थयात्रियों की भीड़ दिखाई दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचे। शाम पांच बजे तक करीब 2,250 यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराया। इससे संकेत मिल रहा है कि मानसून के अंतिम चरण के साथ यात्रा दोबारा रफ्तार पकड़ रही है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान मौसम सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक होता है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। इसी वजह से खराब मौसम में प्रशासन कई बार यात्रा को अस्थायी रूप से रोक देता है।
हाल के दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी के बाद यात्रा को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था। अब मौसम सामान्य होने के साथ यात्रा मार्गों की स्थिति में सुधार आया है और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी है।
मानसून की विदाई के बाद चारधाम यात्रा के लिए अक्टूबर का समय महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान बारिश की संभावना कम होने लगती है, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन के सामने सड़क, यातायात और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं बनाए रखना जरूरी होगा।
केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। मौसम साफ रहने पर दूर-दराज के राज्यों से आने वाले यात्रियों को भी यात्रा पूरी करने में आसानी होगी। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए स्थानीय स्तर पर निगरानी जारी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश संभव है। इन जिलों में बारिश का दायरा सीमित रहने का अनुमान है और भारी वर्षा की संभावना नहीं जताई गई है।
प्रदेश के मैदानी जिलों में मौसम ज्यादातर साफ और शुष्क रहने की संभावना है। दिन के समय धूप तेज रह सकती है। मानसून की विदाई पूरी होने के बाद वातावरण से नमी कम होगी और मौसम धीरे-धीरे शरद ऋतु की ओर बढ़ेगा।
इस साल मानसून के दौरान उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश, भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने जैसी घटनाएं सामने आईं। सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी कई जिलों में भारी वर्षा के अलर्ट जारी किए गए थे। अब वही मानसून कमजोर होकर वापसी की ओर है।
फिलहाल उत्तराखंड में अगले दो से तीन दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। इसी अवधि में मानसून की वापसी आगे बढ़ने की संभावना है। पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के बीच बाकी प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा।
मानसून की विदाई के साथ चारधाम यात्रा का अंतिम चरण भी रफ्तार पकड़ रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन यात्रा मार्गों और पंजीकरण केंद्रों पर व्यवस्थाओं को बनाए रखने में जुटा है। आने वाले दिनों में मौसम साफ रहा तो चारधाम यात्रा में और तेजी देखने को मिल सकती है।