देहरादून: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देहरादून के रेसकोर्स स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में शुक्रवार को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। समारोह में धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ नशामुक्ति और राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दिया गया।

दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
जन्माष्टमी समारोह का शुभारंभ राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मुंबई आर्ट ग्रुप के कलाकारों ने गणेश वंदना की प्रस्तुति दी। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिवारों के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
नशामुक्ति और राष्ट्रभक्ति का दिया संदेश
इस बार पुलिस लाइन में आयोजित जन्माष्टमी उत्सव को धार्मिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रखा गया। कार्यक्रम के मंच से नशे के खिलाफ जागरूकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दिया गया। लोकगीत, रैप और दूसरी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक संदेश लोगों तक पहुंचाए गए। उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच जन्माष्टमी जैसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन के मंच से युवाओं को जागरूक करने की पहल को खास महत्व दिया गया।
सीएम धामी ने कलाकारों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन तथा उपदेशों से परिचित कराने का माध्यम बनते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य, कर्म और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया कर्मयोग का संदेश आज भी पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने लोगों से श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की।
राज्यपाल ने भी दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश और देश में शांति, सौहार्द और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कृष्ण भजनों से भक्तिमय हुआ पुलिस लाइन परिसर
समारोह के दौरान भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी झांकियां और भजन-कीर्तन आकर्षण का केंद्र रहे। कलाकारों ने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए कृष्ण जन्म की कथा और भारतीय संस्कृति के विभिन्न रंगों को मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्वों का विशेष महत्व है और जन्माष्टमी जैसे त्योहार समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने लिया हिस्सा
जन्माष्टमी कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित यह उत्सव पुलिस परिवार के लिए भी विशेष अवसर रहा। धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक जागरूकता को जोड़ने से कार्यक्रम का स्वरूप और व्यापक हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर पूरे परिसर में श्रद्धा और उल्लास का माहौल रहा। सीएम धामी और राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रदेशवासियों के सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
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