नैनीताल। नैनीताल स्थित भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किए जाने पर शहर के शिक्षाविदों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने खुशी जताई है। उनके चयन को विद्यालय और क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय नैनीताल शहर का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है। यहां एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता के नेतृत्व में विद्यालय ने शिक्षा, संस्कृति, खेल और सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

शिक्षा और विद्यालय विकास में योगदान

बिशन सिंह मेहता को यह पुरस्कार विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के लिए प्रदान किया गया है। उनके कार्यकाल में विद्यालय में भौतिक संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।

उन्होंने आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट कक्षाओं की शुरुआत और अध्यापन कार्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीक के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।

राष्ट्रीय सेवा योजना और सामाजिक कार्यों में भूमिका

प्रधानाचार्य मेहता ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से भी कई सामाजिक कार्यों को बढ़ावा दिया। विद्यालय के विद्यार्थियों को सफाई अभियान और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े कार्यों में शामिल किया गया।

उनके मार्गदर्शन में छात्रों ने समाज सेवा के प्रति जागरूकता दिखाई और स्वच्छता जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी की।

खेल प्रतिभाओं को दिया प्रोत्साहन

बिशन सिंह मेहता ने विद्यालय में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रयास किए। उन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलों में बेहतर प्रदर्शन किया है। खेल सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को भी पुरस्कार के लिए महत्वपूर्ण आधार माना गया।

लोक संस्कृति संरक्षण में अहम योगदान

प्रधानाचार्य मेहता के कार्यों में उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को भी विशेष स्थान मिला है। उन्होंने राज्य की विलुप्त होती लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कई पहल कीं।

उनके प्रयासों से विद्यालय में ढोल, दमाऊं, मशकबीन, रणसिंघा और तूतरी जैसे पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों को बढ़ावा दिया गया। इन लोक वाद्यों को राष्ट्रीय कला उत्सव तक पहुंचाने में विद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इसके अलावा विद्यालय में छोलिया दल तैयार किया गया, जिसने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान किया।

विद्यार्थियों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा

प्रधानाचार्य मेहता ने विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए पुस्तकालय व्यवस्था को मजबूत किया। उनका उद्देश्य था कि छात्र केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि अतिरिक्त ज्ञान और साहित्य से भी जुड़े रहें।

विद्यालय में सांस्कृतिक और खेल सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिला।

शिक्षाविदों ने जताई खुशी

बिशन सिंह मेहता को राज्य स्तरीय शैक्षिक पुरस्कार मिलने पर नैनीताल के शिक्षाविदों ने इसे गौरव का विषय बताया। उनका कहना है कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय और शिक्षा क्षेत्र का सम्मान है।

शिक्षाविदों ने कहा कि प्रधानाचार्य मेहता ने शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा।

पुरस्कार से विद्यालय परिवार में उत्साह

शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार मिलने के बाद भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है। विद्यालय परिवार ने इसे अपनी उपलब्धि बताते हुए भविष्य में भी बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया है।

प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता ने अपने प्रयासों का श्रेय विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

बिशन सिंह मेहता को मिला यह सम्मान शिक्षा, संस्कृति और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके योगदान की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

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