सावन उत्सव-2026 में मातृशक्ति का सम्मान, 10 महिलाओं को मिला नंदा शिखर सम्मान
टनकपुर। सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से मातृशक्ति को समर्पित सावन उत्सव-2026 का आयोजन मंगलवार को मिलन वाटिका में किया गया। लोक संस्कृति, भक्ति और मनोरंजन से सजे इस कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों और योगदान को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 10 कर्मठ महिलाओं को नंदा शिखर सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह के दौरान महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में शामिल हुईं। सावन की उमंग और लोक संस्कृति के रंग में रंगे आयोजन में महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया। भक्ति गीतों और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों के बीच सावन उत्सव का माहौल देखने को मिला।
मातृशक्ति को समर्पित रहा आयोजन
सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के योगदान और उनकी उपलब्धियों को सम्मान देना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में अपने कार्य से पहचान बनाने वाली महिलाओं को नंदा शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और मेहनत का प्रदर्शन किया है। आयोजकों ने कहा कि महिलाओं का योगदान केवल परिवार तक सीमित नहीं है। वे सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को सम्मानित करने का उद्देश्य उनके कार्यों को पहचान देने के साथ दूसरी महिलाओं और युवतियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है।
गीता धामी ने महिलाओं की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि महिलाएं केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, खेत और आजीविका की मुख्य धुरी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज और प्रदेश के विकास में लगातार अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, खेल, प्रशासन और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। बदलते समय के साथ महिलाओं ने अपने लिए नए अवसर तलाशे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभाली है।
गीता धामी ने महिलाओं के आत्मविश्वास और उनकी क्षमता को समाज की प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि जब महिलाओं को अवसर और उचित मंच मिलता है तो वे अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से सामने ला सकती हैं। ऐसे आयोजनों के जरिए उनकी उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से पहचान मिलती है और दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
पारंपरिक परिधानों में पहुंचीं महिलाएं
सावन उत्सव में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में पहुंचकर कार्यक्रम की खूबसूरती बढ़ाई। रंग-बिरंगे परिधानों में पहुंची महिलाओं के बीच उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। सावन से जुड़ी लोक परंपराओं और संस्कृति को कार्यक्रम के माध्यम से जीवंत करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में लोक संस्कृति और भक्ति का रंग भी देखने को मिला। सावन के गीतों और सांस्कृतिक गतिविधियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। महिलाओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे के साथ सावन की खुशियां साझा कीं।
लोक संस्कृति और आधुनिक उपलब्धियों का संगम
सावन उत्सव के जरिए एक ओर जहां प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं को सामने लाया गया, वहीं दूसरी ओर आधुनिक दौर में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी सम्मान दिया गया। कार्यक्रम का स्वरूप इस तरह रखा गया कि इसमें सांस्कृतिक विरासत और महिला सशक्तीकरण दोनों की झलक दिखाई दे।
आयोजकों के अनुसार, लोक संस्कृति समाज को अपनी जड़ों से जोड़ती है, जबकि महिलाओं की उपलब्धियां बदलते समाज की तस्वीर प्रस्तुत करती हैं। दोनों को एक मंच पर लाकर महिलाओं के सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान को रेखांकित किया गया।
सम्मान से बढ़ेगा महिलाओं का उत्साह
नंदा शिखर सम्मान पाने वाली 10 महिलाओं के लिए यह अवसर विशेष रहा। सम्मान मिलने से उनके कार्यों को सार्वजनिक पहचान मिली। आयोजकों ने कहा कि समाज में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम कर रही महिलाओं को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है।
महिलाओं की उपलब्धियों को मंच देने से युवा पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलती है। खासकर शिक्षा, खेल, प्रशासन और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की इच्छुक युवतियों को यह संदेश मिलता है कि मेहनत और लगन के जरिए वे अपने लिए नई पहचान बना सकती हैं।
महिलाओं के योगदान को पहचान देने की पहल
सावन उत्सव-2026 केवल मनोरंजन और सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सम्मान का संदेश भी लेकर आया। कार्यक्रम में महिलाओं को समाज की महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया। घर से लेकर खेत, रोजगार और प्रशासन तक महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में यह बात भी सामने आई कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए परिवार और समाज का सहयोग जरूरी है। उनके योगदान को पहचान मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे नई जिम्मेदारियों को अधिक मजबूती के साथ निभा सकती हैं।
मिलन वाटिका में आयोजित सावन उत्सव में भक्ति, लोक संस्कृति और मनोरंजन के साथ महिला सम्मान का संदेश प्रमुख रहा। पारंपरिक परिधानों में पहुंची महिलाओं ने आयोजन को खास बना दिया। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 10 महिलाओं को नंदा शिखर सम्मान से सम्मानित किया जाना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। सेवा संकल्प फाउंडेशन की यह पहल महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने और मातृशक्ति को समाज के विकास की प्रमुख धुरी के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई।