कारगिल विजय दिवस पर CM धामी ने शहीदों को किया नमन

Update: 2026-07-26 08:37 GMT

देहरादून : कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री रविवार को देहरादून के गांधी पार्क स्थित शौर्य स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने शहीदों के स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर वीर जवानों को नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के लिए गौरव और भावनाओं से जुड़ा दिन है। यह दिन उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने कारगिल युद्ध के दौरान जिस वीरता और साहस का परिचय दिया, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि देश हमेशा अपने वीर सैनिकों और उनके परिवारों का ऋणी रहेगा।

कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली सम्मान राशि को बढ़ाया जाएगा। अब राज्य में परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली सम्मान राशि डेढ़ करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र देश का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है और इसे प्राप्त करने वाले सैनिकों का योगदान अतुलनीय है। ऐसे वीर योद्धाओं का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। सम्मान राशि में वृद्धि उनके प्रति राज्य सरकार के सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि रही है। राज्य के हजारों जवान भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं और देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों के परिवारों के साथ हमेशा खड़ी है। सैनिक परिवारों की समस्याओं के समाधान और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सेना के अधिकारियों, जवानों, पूर्व सैनिकों और अन्य गणमान्य लोगों ने भी हिस्सा लिया। सभी ने शौर्य स्थल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया।

गौरतलब है कि वर्ष 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत दुश्मन की घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब दिया था। दुर्गम पहाड़ियों और कठिन मौसम के बावजूद भारतीय सैनिकों ने अद्भुत साहस दिखाते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की थी।

कारगिल युद्ध में कई वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके साहस और वीरता की कहानियां आज भी देशवासियों को प्रेरणा देती हैं। हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि देश अपने वीर जवानों के योगदान को याद कर सके।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि युवाओं को सैनिकों के जीवन और उनके संघर्षों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान शहीदों के सम्मान में मौन रखा गया और उनकी स्मृतियों को नमन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सैनिकों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

उत्तराखंड सरकार की ओर से परमवीर चक्र विजेताओं की सम्मान राशि बढ़ाने की घोषणा को सैनिक समुदाय और पूर्व सैनिकों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सेना और सैनिक परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए आगे भी लगातार प्रयास करती रहेगी।

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