संसद में साधु-संतों के वेश को लेकर विपक्ष पर बरसे CM धामी, बोले- सनातन आस्था का अपमान स्वीकार नहीं
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संसद में विपक्षी सांसदों द्वारा कथित रूप से साधु-संतों का वेश धारण कर विरोध प्रदर्शन किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केवल संत समाज का अपमान नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि संसद जैसे लोकतांत्रिक और गरिमामय मंच पर विपक्ष द्वारा छद्म वेश धारण कर साधु-संतों का उपहास करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में साधु-संत सदैव श्रद्धा, त्याग और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के प्रतीक रहे हैं तथा उनका सम्मान भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इसके लिए धार्मिक प्रतीकों, संत समाज या किसी समुदाय की आस्था को निशाना बनाना किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए राजनीतिक दलों को अपने विरोध का तरीका तय करना चाहिए।
धामी ने अपने बयान में कहा कि सनातन परंपरा और संत समाज के प्रति देशवासियों की गहरी आस्था है। ऐसे में राजनीतिक उद्देश्य से साधु-संतों के स्वरूप का इस्तेमाल करना या उसका उपहास करना करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने विपक्ष से सार्वजनिक जीवन की गरिमा बनाए रखने और धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री का यह बयान संसद में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर सामने आया है, जिस पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के कई नेताओं ने भी विपक्ष के प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए हैं, जबकि विपक्ष अपनी कार्रवाई को लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बता रहा है।