देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लगातार तीसरी बार प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के लक्ष्य के साथ पार्टी संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में जुट गई है। इसी कड़ी में 6 नवंबर को देहरादून में प्रस्तावित भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव, संगठनात्मक मजबूती, बूथ प्रबंधन और विपक्ष को घेरने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
भाजपा के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी नेतृत्व चुनाव से पहले संगठन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ ही सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति तैयार कर रहा है। प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
6 नवंबर को देहरादून पहुंचेंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 6 नवंबर को देहरादून आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस दौरान वह भाजपा के एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की तैयारी की जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा की ओर से रैली और जनसभा आयोजित की जाएगी। इसी दिन शाम को प्रदेश कोर कमेटी की बैठक भी प्रस्तावित है। हालांकि, इस बैठक में शाह की भागीदारी को लेकर अंतिम पुष्टि का इंतजार है।पार्टी के लिए अमित शाह का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी भूमिका को देखते हुए प्रदेश संगठन के नेताओं की निगाहें इस दौरे पर टिकी हुई हैं।
मिशन 2027 पर होगा विशेष मंथन
उत्तराखंड में भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए मिशन 2027 पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाना है।कोर कमेटी की बैठक में विधानसभा क्षेत्रों की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की मौजूदा स्थिति और आगामी चुनावी कार्यक्रमों पर चर्चा होने की संभावना है।इसके अलावा पार्टी यह भी समीक्षा कर सकती है कि किन विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है और किन सीटों पर विशेष रणनीति अपनानी होगी।भाजपा नेतृत्व पहले ही बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और नए मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने पर जोर दे चुका है। पार्टी की रणनीति में युवा मतदाताओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाना भी शामिल है।
सभी 70 विधानसभा सीटों पर नजर
उत्तराखंड विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं। भाजपा ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए सभी विधानसभा क्षेत्रों में कोर कमेटियों का गठन किया है।इन समितियों में संबंधित क्षेत्रों के सांसदों, विधायकों, संगठन पदाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है।इनका उद्देश्य विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी बनाना और संगठनात्मक समन्वय को बेहतर करना है।प्रदेश स्तर की बैठक में इन समितियों के कामकाज और चुनावी तैयारियों की समीक्षा भी एक महत्वपूर्ण विषय हो सकती है।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की तैयारी
भाजपा चुनावी तैयारियों में बूथ प्रबंधन को विशेष महत्व देती रही है। पार्टी का मानना है कि मजबूत बूथ संगठन चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इसी को ध्यान में रखते हुए बूथ समितियों को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपने और मतदाताओं के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।पार्टी नेतृत्व की रणनीति है कि चुनाव से पहले प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संगठन की सक्रियता बढ़ाई जाए।इसके लिए स्थानीय मुद्दों की पहचान, जनसंपर्क अभियान और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच बनाने जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर
भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों को प्रमुखता से जनता के सामने रखने की तैयारी कर रही है।प्रदेश में विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे, रोजगार, पर्यटन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर सरकार के कामकाज को चुनावी अभियान का हिस्सा बनाया जा सकता है।कोर कमेटी की बैठक में इस बात पर भी विचार होने की संभावना है कि सरकार की योजनाओं और उनके प्रभाव को जनता तक प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए।पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल भी चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
विपक्ष को घेरने की रणनीति पर भी चर्चा संभव
आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का मुख्य मुकाबला कांग्रेस से होने की संभावना है। ऐसे में पार्टी विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है।कोर कमेटी की प्रस्तावित बैठक में विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने की रणनीति तैयार की जा सकती है।इसके अलावा प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन के नेताओं से फीडबैक लिया जा सकता है।हालांकि, बैठक का विस्तृत आधिकारिक एजेंडा सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन विषयों पर अंतिम निर्णय लिए जाएंगे।
अमित शाह के दौरे को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी पदाधिकारी कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं।ऋषिकेश सहित कई क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित कर कार्यक्रम को सफल बनाने पर चर्चा की गई है। स्थानीय नेताओं ने अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और आपसी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया है।पार्टी नेतृत्व इस कार्यक्रम के जरिए चुनावी वर्ष से पहले कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन में नई ऊर्जा भरने का प्रयास कर सकता है।
लगातार तीसरी जीत दर्ज करने की चुनौती
उत्तराखंड में भाजपा ने वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर सरकार बनाई थी। अब पार्टी का लक्ष्य 2027 में भी जीत दर्ज करके सत्ता में बने रहना है।हालांकि, लगातार तीसरी बार चुनाव जीतना भाजपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती होगी। इसके लिए पार्टी को संगठनात्मक मजबूती के साथ स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं की अपेक्षाओं पर भी ध्यान देना होगा।
फिलहाल 6 नवंबर को प्रस्तावित कोर कमेटी की बैठक और अमित शाह के देहरादून दौरे पर सभी की नजरें टिकी हैं। बैठक में होने वाला मंथन भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक कार्यक्रमों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।