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हरियाणा के पंचकूला में एक सरकारी स्कूल के अंदर तीसरी कक्षा के छात्र द्वारा छह साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। बच्ची के चाचा ने बताया कि आरोपी बच्चा हिंसक गेम खेलता था। उन्होंने यह भी कहा कि बच्ची का इलाज चल रहा है और वह डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है। घटना के बारे में बात करते हुए, बच्ची के चाचा फ़ाज़िल ने बताया कि आरोपी बच्चा हिंसक गेम खेलता था, और बच्चे के पिता ने भी उसकी इन गेमिंग आदतों की पुष्टि की है।
फ़ाज़िल ने कहा, "जिस बच्चे ने हमला किया, वह कुछ खास तरह के हिंसक गेम खेलता था। वह पबजी (PUBG) खेलता था। उसके पिता ने भी माना है कि वह पबजी और इस तरह के अन्य गेम खेलता था, जिसकी वजह से उसने ऐसा कदम उठाया।" घटनाक्रम के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि लड़के ने पहले बच्ची को "पागल" कहा। जब बच्ची ने इसका विरोध किया और कहा कि वह इसकी शिकायत करेगी, तो लड़के ने उससे कहा कि उसके पिता ऊपर हैं और उसे अपने साथ चलने के लिए कहा।
बच्ची की सेहत के बारे में फ़ाज़िल ने बताया कि अब उसकी हालत बेहतर है और पिछले दो-तीन दिनों से उसे मेडिकल देखभाल मिल रही है। उन्होंने कहा, "वह पहले से बेहतर है... पिछले दो-तीन दिनों से उसे बहुत अच्छी देखभाल मिल रही है। डॉक्टर उस पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं; सब कुछ अच्छे से संभाला जा रहा है।" फ़ाज़िल ने आगे बताया, "स्कूल के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, और उस बच्चे के खिलाफ भी एक FIR दर्ज हुई है।" यह घटना तब सामने आई जब पंचकूला के एक सरकारी स्कूल परिसर में तीसरी कक्षा के एक छात्र ने छह साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर मारपीट की।
हरियाणा शिक्षा विभाग ने इस कथित मारपीट के मामले में दो जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए शिक्षकों की पहचान सिमरनजीत कौर और पूजा रानी के रूप में हुई है। इस बीच, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पंचकूला के जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में शिक्षा विभाग द्वारा की गई कार्रवाई का पूरा विवरण देते हुए, बिंदुवार तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपें। पीड़िता के परिवार ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी छात्र (जो तीसरी कक्षा में पढ़ता है) खुद ही उन्हें घायल और बेहोश बच्ची के पास ले गया। परिवार ने यह भी पूछा कि जब प्रिंसिपल के ऑफिस से CCTV कैमरों की निगरानी की जाती है, तो फिर इस कथित हमले पर किसी का ध्यान क्यों नहीं गया?
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