देहरादून। उत्तराखंड में 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले एक नया ओपिनियन पोल सामने आया है। न्यूज लीडर-मैट्रिज के इस सर्वे में 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 47 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। कांग्रेस को 21 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य के खाते में दो सीटें जाने की बात कही गई है। यह किसी चुनाव का परिणाम या आधिकारिक पूर्वानुमान नहीं, बल्कि सर्वे के समय दर्ज किए गए मतदाताओं के रुझान का अनुमान है।
नए सर्वे के आंकड़ों की तुलना 2022 के वास्तविक विधानसभा चुनाव परिणाम से करें तो भाजपा के लिए अनुमानित 47 सीटों का आंकड़ा उसके पिछले प्रदर्शन के बराबर है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 47 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 19 सीटें मिली थीं। इस लिहाज से नए सर्वे में कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले दो अतिरिक्त सीटें मिलने का अनुमान है।
भाजपा 47 और कांग्रेस 21 सीटों पर
न्यूज लीडर-मैट्रिज ओपिनियन पोल के मुताबिक भाजपा को 70 में से 47 और कांग्रेस को 21 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में दो सीटों का अनुमान लगाया गया है। बहुमत के लिए किसी दल या गठबंधन को 36 सीटों की जरूरत होती है। सर्वे का सीट अनुमान भाजपा को इस आंकड़े से ऊपर दिखाता है, लेकिन वास्तविक जनादेश मतदान और मतगणना के बाद ही तय होगा।
इस सर्वे से कुछ दिन पहले टाइम्स नाउ नवभारत के एक अन्य सर्वे में भाजपा के लिए 54 और कांग्रेस के लिए 14 सीटों का अनुमान सामने आया था। यानी दोनों सर्वे के अनुमानों में उल्लेखनीय अंतर है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अलग-अलग सर्वे की पद्धति, नमूने और सर्वे की अवधि के आधार पर अनुमान बदल सकते हैं।
पिछले सर्वे से भाजपा 7 सीट नीचे
दोनों हालिया सर्वे की तुलना करें तो नए न्यूज लीडर-मैट्रिज सर्वे में भाजपा का अनुमान 54 से घटकर 47 सीटों पर आता है, यानी सात सीटों का अंतर है। वहीं कांग्रेस का अनुमान 14 से बढ़कर 21 सीटों पर पहुंचता है, यानी सात सीटों का अंतर। इसलिए “कांग्रेस को पिछले सर्वे से आठ सीट ज्यादा” वाला दावा उपलब्ध प्रकाशित आंकड़ों—14 से 21—से मेल नहीं खाता; उपलब्ध संख्याओं के अनुसार अंतर सात सीटों का है।
हालांकि दो अलग-अलग एजेंसियों के सर्वे को सीधे एक ही ट्रेंडलाइन मानना सावधानी की मांग करता है। अलग नमूना आकार, क्षेत्रीय कवरेज, प्रश्न पूछने के तरीके और सर्वे की तारीखें परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं।
2022 में भाजपा को मिली थीं 47 सीटें
उत्तराखंड के 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 47 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। कांग्रेस को 19 सीटें मिली थीं, जबकि बसपा को दो और निर्दलीय उम्मीदवारों को दो सीटें मिली थीं।
नए सर्वे में भाजपा को फिर 47 सीटों का अनुमान है, जबकि कांग्रेस के लिए 21 सीटों का आंकड़ा बताया गया है। इस आधार पर कांग्रेस का अनुमानित प्रदर्शन 2022 के वास्तविक नतीजे से दो सीट बेहतर है।
अलग-अलग सर्वे दे रहे अलग तस्वीर
सितंबर में सामने आए एक अन्य सर्वे में भाजपा को 54 और कांग्रेस को 14 सीटों का अनुमान दिया गया था। उस सर्वे में भाजपा के लिए 2022 की तुलना में सात सीटों की बढ़ोतरी और कांग्रेस के लिए पांच सीटों की कमी का अनुमान बनता था।
अब नए सर्वे में भाजपा 47 और कांग्रेस 21 सीटों पर दिखाई गई है। इसलिए किसी एक सर्वे को अंतिम चुनावी तस्वीर मानना उचित नहीं होगा। ओपिनियन पोल किसी निश्चित समय पर लिए गए नमूने की राय बताते हैं और मतदान तक राजनीतिक परिस्थितियां तथा मतदाताओं की प्राथमिकताएं बदल सकती हैं।
चुनावी तैयारियां तेज
उत्तराखंड में विधानसभा की कुल 70 सीटें हैं और अगले चुनाव 2027 में होने हैं। चुनाव आयोग ने उत्तराखंड सहित अगले वर्ष विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसमें ईवीएम, वीवीपैट, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य चुनावी तैयारियों की समीक्षा शामिल है।
भाजपा भी चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियों में जुटी है। पार्टी अपने मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन और पिछली बार हारी सीटों पर स्थिति का आकलन करा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी विधायकों की लोकप्रियता, क्षेत्र में काम, जनता से संवाद और संगठनात्मक भागीदारी जैसे पहलुओं को देख रही है।
कांग्रेस की नजर भी 2022 के अपने प्रदर्शन में सुधार पर है। नए सर्वे में उसके लिए 21 सीटों का अनुमान जरूर है, लेकिन यह वास्तविक चुनावी नतीजा नहीं है और चुनाव से पहले अभी कई महीने बाकी हैं।
ओपिनियन पोल को नतीजा समझना सही नहीं
ओपिनियन पोल चुनाव से पहले मतदाताओं के एक नमूने की राय के आधार पर तैयार किए जाते हैं। इनमें दिए गए सीट अनुमान वास्तविक चुनाव परिणाम की गारंटी नहीं होते। अलग-अलग एजेंसियों के सर्वे में बड़ा अंतर भी देखने को मिल सकता है, जैसा कि उत्तराखंड के इन दो हालिया सर्वे में दिखाई देता है।
फिलहाल नया सर्वे भाजपा को 47, कांग्रेस को 21 और अन्य को दो सीटों का अनुमान देता है। अब आने वाले महीनों में उम्मीदवारों के चयन, स्थानीय मुद्दों, प्रचार अभियान और मतदाताओं की प्राथमिकताओं में बदलाव के साथ राजनीतिक तस्वीर किस तरह बदलती है, यह आगे के सर्वे और अंततः चुनाव परिणाम से स्पष्ट होगा।