अल्मोड़ा : राष्ट्रीय राजमार्ग 109 अल्मोड़ा-हल्द्वानी पर स्थित क्वारब डेंजर जोन से बुधवार को 48 दिनों बाद एक बार फिर वाहनों का संचालन शुरू हो गया। पहाड़ी दरकने के खतरे को देखते हुए लंबे समय से बंद इस मार्ग को प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों के साथ खोल दिया है। मार्ग खुलने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्वारब क्षेत्र के दोनों ओर पुलिस बल तैनात किया है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। वाहनों को नियंत्रित गति और सावधानी के साथ आवाजाही की अनुमति दी जा रही है। पुलिसकर्मी मौके पर रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
दरअसल, क्वारब डेंजर जोन के पास पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने और चट्टान दरकने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने 29 मई को इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी थी। सुरक्षा कारणों से उठाए गए इस कदम के बाद अल्मोड़ा और हल्द्वानी के बीच आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
मार्ग बंद होने के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर डोबा-चौसली मार्ग से वाहनों का संचालन शुरू कराया था। इस वैकल्पिक मार्ग से मैदान से पहाड़ और पहाड़ से मैदान जाने वाले वाहनों को भेजा जा रहा था। हालांकि, इससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी और समय भी अधिक लग रहा था।
क्वारब मार्ग खुलने के बाद अब यात्रियों को राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों, व्यापारियों और वाहन चालकों ने मार्ग खुलने का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अल्मोड़ा-हल्द्वानी के बीच यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है और इसके बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
प्रशासन ने मार्ग खोलने से पहले सुरक्षा व्यवस्था और हालात का जायजा लिया। विशेषज्ञों और संबंधित विभागों की निगरानी के बाद ही वाहनों के संचालन की अनुमति दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल नियंत्रित तरीके से यातायात चलाया जा रहा है।
क्वारब क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन और पहाड़ी दरकने के कारण संवेदनशील बना हुआ है। बारिश के मौसम में यहां खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सावधानी से वाहन चलाएं और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अगर मौसम खराब होता है या दोबारा पहाड़ी से मलबा गिरने जैसी स्थिति बनती है तो सुरक्षा के लिहाज से तत्काल निर्णय लिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए मौके पर तैनात टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मार्ग बंद रहने के दौरान स्थानीय व्यापार और परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ा था। अब वाहनों की आवाजाही शुरू होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी सुधार आने की उम्मीद है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों और व्यवसायियों को इसका लाभ मिलेगा।
प्रशासन ने साफ किया है कि क्वारब डेंजर जोन पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और किसी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। फिलहाल 48 दिन बाद मार्ग खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर सतर्कता लगातार जारी रहेगी।