13 महिलाओं और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान

Update: 2026-08-09 04:06 GMT

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार को आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 13 महिलाओं को प्रतिष्ठित ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इसके साथ ही राज्य की 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार’ प्रदान किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री ने दोनों पुरस्कारों की राशि बढ़ाने की घोषणा करते हुए महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, खेल, संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ ऐसी महिलाओं के योगदान को पहचान देने और अन्य महिलाओं को प्रेरित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

13 महिलाओं को मिला तीलू रौतेली पुरस्कार

समारोह में प्रदेश की 13 महिलाओं को ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है। पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में संघर्ष, समर्पण और मेहनत के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका योगदान प्रदेश की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने कार्यों से समाज में बदलाव की मिसाल पेश कर रही हैं। ऐसे प्रयासों को सम्मानित करने से महिलाओं का मनोबल बढ़ता है और उन्हें आगे भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।

35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान

कार्यक्रम में 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी ‘आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तर पर काम करती हैं। वे बच्चों के शुरुआती विकास, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के लिए पोषण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के प्रारंभिक विकास और उनके समग्र पालन-पोषण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सीधा संपर्क बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं से होता है। इस कारण वे सरकार की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

पुरस्कार राशि बढ़ाने की घोषणा

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीरांगना तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की राशि में बढ़ोतरी करने की घोषणा भी की। सरकार के इस निर्णय से पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरस्कार केवल सम्मान का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों के प्रति सरकार और समाज की कृतज्ञता को भी दर्शाते हैं। पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी का उद्देश्य उन लोगों को और प्रोत्साहित करना है, जो कठिन परिस्थितियों में भी समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में उचित पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा का बच्चों के भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शुरुआती विकास, पोषण, स्वास्थ्य और समग्र पालन-पोषण में अहम भूमिका निभाते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी लगातार अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनके प्रयासों से बच्चों और महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलती है।

महिलाओं के योगदान को सम्मान देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है। पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाओं ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच परिवार और समाज की जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ शिक्षा, स्वरोजगार, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं को सम्मान और अवसर मिलने से वे अपने साथ-साथ पूरे परिवार और समाज के विकास में योगदान दे सकती हैं। ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ जैसी पहल महिलाओं के योगदान को सार्वजनिक पहचान देने का काम करती है।

सम्मान से बढ़ेगा मनोबल

समारोह में सम्मानित महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए यह अवसर विशेष रहा। पुरस्कार मिलने से उनके कार्यों को सार्वजनिक पहचान मिली और उनके साथ काम करने वाले अन्य लोगों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज के विकास में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मानित महिलाएं और कार्यकर्ता भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ समाज की सेवा करती रहेंगी।

देहरादून में आयोजित इस समारोह में महिला सशक्तीकरण और बाल विकास से जुड़े दोनों महत्वपूर्ण पहलुओं को एक साथ रेखांकित किया गया। एक ओर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मान मिला। पुरस्कार राशि बढ़ाने की मुख्यमंत्री की घोषणा ने इस कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया।

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