Nainital में प्रशासनिक लापरवाही पर कार्रवाई, खंड विकास अधिकारी देशराज हटाए गए
Nainital: नैनीताल जिले में प्रशासनिक लापरवाही के मामले पर सख्त कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बड़ा कदम उठाया है। ओखलकांडा विकासखंड के खंड विकास अधिकारी (BDO) देशराज को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, खंड विकास अधिकारी देशराज पर विभागीय कार्यों में लापरवाही और उदासीनता बरतने के आरोप लगे थे। मामले के सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया और मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे को जांच के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कराई गई विस्तृत जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित अधिकारी ने शासकीय कार्यों के निष्पादन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
जांच के निष्कर्षों के आधार पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए देशराज को खंड विकास अधिकारी के पद से हटाकर सहायक खंड विकास अधिकारी के पद पर स्थानांतरित कर दिया है। साथ ही उन्हें विकासखंड रामनगर से संबद्ध किया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सहायक खंड विकास अधिकारी कुंवर सिंह सामंत को ओखलकांडा का प्रभारी खंड विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करें।
प्रशासन का मानना है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की सक्रियता और गंभीरता बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की उदासीनता सीधे तौर पर जनता के हितों को प्रभावित करती है।
इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में भी हलचल देखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यों में पूरी सतर्कता बरतें और तय समयसीमा में कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें।
स्थानीय स्तर पर इस कदम को प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह संदेश गया है कि कार्य में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, नैनीताल प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।