हरिद्वार: हरिद्वार कुंभ 2027 को भव्य और आधुनिक बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार कुंभ मेले में आस्था और परंपरा के साथ अत्याधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए पूरे कुंभ क्षेत्र की जीआईएस (GIS) मैपिंग कराई जा रही है।

सरकार का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को कुंभ क्षेत्र में यात्रा, आवागमन, सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप और आधुनिक निगरानी व्यवस्था विकसित की जा रही है। कुंभ क्षेत्र की जीआईएस मैपिंग के जरिए घाटों, पार्किंग स्थलों, मार्गों, प्रवेश और निकास बिंदुओं समेत महत्वपूर्ण स्थानों का डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा। इससे प्रशासन को भीड़ की स्थिति समझने, श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित करने और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाएं लागू करने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, लगभग 150 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की मैपिंग की जा रही है। पूरे क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर डिजिटल नक्शा तैयार किया जा रहा है, जिससे मेला प्रबंधन को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके। कुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में जीआईएस तकनीक, डिजिटल निगरानी और रियल टाइम जानकारी के माध्यम से प्रशासन को भीड़ वाले इलाकों की पहचान करने और तुरंत कदम उठाने में सहायता मिलेगी।
सरकार डिजिटल कुंभ की दिशा में कई अन्य योजनाओं पर भी काम कर रही है। श्रद्धालुओं के लिए बहुभाषी मोबाइल एप तैयार किया जाएगा, जिसमें कुंभ क्षेत्र का नक्शा, प्रमुख घाटों की जानकारी, रास्ते, सुविधाएं और जरूरी दिशा-निर्देश उपलब्ध होंगे। इसके अलावा खोए हुए सामान और बिछड़े लोगों की मदद के लिए डिजिटल लास्ट एंड फाउंड पोर्टल विकसित करने की योजना है। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी के समय तेजी से सहायता मिल सकेगी। डिजिटल पहचान और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से मेला व्यवस्था को और आसान बनाने की तैयारी है।
हरिद्वार कुंभ के लिए सरकार बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत कर रही है। नए घाटों का निर्माण, पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कुंभ से जुड़े सभी स्थायी कार्य समय पर पूरे किए जाएं और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिले। सरकार का उद्देश्य है कि हरिद्वार कुंभ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि आधुनिक प्रबंधन और तकनीक के इस्तेमाल का उदाहरण भी बने। तकनीक के इस्तेमाल से कुंभ मेले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी सुविधाजनक अनुभव मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में हरिद्वार कुंभ दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में आधुनिक डिजिटल प्रबंधन के उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है।
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