देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सोमवार रात 12 बजे एसआईआर से संबंधित डेटा को फ्रीज कर दिया गया। इसके बाद राज्य निर्वाचन विभाग अंतिम मतदाता सूची तैयार करने में जुट गया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार डेटा फ्रीज होने के बाद अब मौजूदा रिकॉर्ड में इस चरण पर किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान राज्यभर में मतदाता सूची में दर्ज नामों और मतदाताओं से संबंधित विवरणों का सत्यापन किया गया। इस अवधि में नए मतदाताओं के आवेदन लेने, पुराने रिकॉर्ड की जांच करने, दावों और आपत्तियों का निस्तारण करने तथा पात्र मतदाताओं के विवरण को अपडेट करने का काम किया गया। अब इन सभी प्रक्रियाओं के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जा रही है।

राज्य में एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब डेढ़ लाख नए मतदाता अंतिम सूची में जुड़ सकते हैं। हालांकि मतदाताओं की वास्तविक संख्या का स्पष्ट आंकड़ा अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद ही सामने आएगा।

उत्तराखंड में अंतिम मतदाता सूची पहले 15 सितंबर को प्रकाशित की जानी थी, लेकिन बाद में इसकी तारीख बदलकर 3 अक्टूबर कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक कुछ जिलों में मतदाताओं से जुड़े रिकॉर्ड का उत्तर प्रदेश से सत्यापन लंबित रहने समेत विभिन्न प्रक्रियाओं के कारण अंतिम प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ाई गई थी।

अब सोमवार रात डेटा फ्रीज किए जाने के साथ ही इस चरण की प्रक्रिया पूरी मानी जा रही है। राज्य निर्वाचन विभाग उपलब्ध डेटा का अंतिम संकलन कर रहा है। इसके बाद विधानसभा क्षेत्रों और मतदान केंद्रों के अनुसार अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।

एसआईआर के दौरान ऐसे मतदाताओं के रिकॉर्ड की भी जांच की गई, जिनसे संबंधित जानकारी में विसंगतियां सामने आई थीं। इसके साथ ही नए मतदाताओं को नाम जोड़ने का अवसर दिया गया और ऐसे नामों की पहचान की गई, जो निर्धारित मानकों के अनुसार मतदाता सूची में बने रहने के योग्य नहीं पाए गए।

एसआईआर के दौरान करीब 95 हजार लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि ऐसे लोगों के लिए आगे भी नाम जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध रहेगी। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद पात्र व्यक्ति फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

निर्वाचन विभाग के अनुसार अंतिम मतदाता सूची जारी होने का यह अर्थ नहीं है कि इसके बाद किसी नए पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ सकेगा। जो युवा निर्धारित आयु पूरी करते हैं या जिन पात्र लोगों का नाम किसी कारण से सूची में नहीं आ पाया है, वे नियमानुसार आवेदन कर सकते हैं।

उत्तराखंड के सभी जिलों में बीएलओ, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के स्तर पर एसआईआर प्रक्रिया की लगातार समीक्षा की गई। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जून से अगस्त तक कई समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें गणना प्रपत्रों के वितरण, डिजिटलीकरण, नोटिस वितरण और सुनवाई की प्रगति की समीक्षा की गई।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य रिकॉर्ड को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं का विवरण सूची में सुनिश्चित करना है। इसके तहत निर्वाचन अधिकारियों ने घर-घर सत्यापन से लेकर दस्तावेजों की जांच तक कई स्तर पर काम किया।

3 अक्टूबर को जारी होने वाली अंतिम सूची में एसआईआर के दौरान स्वीकृत नए नाम, संशोधित विवरण और हटाए गए नामों का असर दिखाई देगा। राज्य निर्वाचन विभाग के लिए अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि डेटा फ्रीज होने के बाद अब अंतिम सूची के तकनीकी परीक्षण और प्रकाशन से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

राज्य में संभावित रूप से करीब डेढ़ लाख नए मतदाताओं के जुड़ने का अनुमान है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की हो सकती है जिन्होंने पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से आवेदन करने वाले पात्र मतदाता भी अंतिम सूची का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि निर्वाचन विभाग की ओर से अंतिम आंकड़े 3 अक्टूबर को सूची प्रकाशित होने के बाद स्पष्ट होंगे।

अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद नागरिक अपने नाम और अन्य विवरण की जांच कर सकेंगे। जिन पात्र लोगों का नाम सूची में नहीं होगा, उन्हें नियमानुसार दोबारा आवेदन करने का विकल्प मिलेगा। निर्वाचन विभाग ने साफ किया है कि छूटे हुए और नए मतदाता फॉर्म-6 के जरिए अपना नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

फिलहाल उत्तराखंड में एसआईआर का डेटा फ्रीज हो चुका है और राज्य निर्वाचन विभाग 3 अक्टूबर को होने वाले अंतिम प्रकाशन की तैयारियों में जुटा है। अंतिम सूची सामने आने के बाद यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या कितनी हुई और एसआईआर के दौरान कितने नए मतदाता सूची में शामिल किए गए।

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