मेरठ: चारपाई पर सो रहे एक युवक को सांप ने डस लिया। घटना के बाद युवक की हालत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उपचार शुरू करते हुए एंटी स्नेक वेनम (ASV) दिया, लेकिन हालत गंभीर बनी रहने पर युवक को बेहतर इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि युवक रात के समय घर में चारपाई पर सो रहा था। इसी दौरान सांप उसके पास पहुंच गया और उसे डस लिया। सांप के काटने का अहसास होने पर युवक ने शोर मचाया। आवाज सुनकर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और उसकी स्थिति देखकर तत्काल अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की।
अस्पताल में शुरू हुआ इलाज
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने युवक की जांच की और सर्पदंश के लक्षणों को देखते हुए इलाज शुरू किया। रिपोर्ट के मुताबिक उपचार के दौरान उसे 20 वायल एंटी स्नेक वेनम दिया गया। इसके बावजूद उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने और हालत गंभीर बने रहने पर चिकित्सकों ने उसे उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने का निर्णय लिया। इसके बाद युवक को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका आगे का इलाज किया जा रहा है। सर्पदंश के मामलों में मरीज की स्थिति सांप की प्रजाति, शरीर में पहुंचे विष की मात्रा और उपचार शुरू होने में लगे समय समेत कई कारकों पर निर्भर करती है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
बारिश और नमी के दौरान सांप अक्सर अपने बिलों से निकलकर सूखी तथा सुरक्षित जगहों की तलाश करते हैं। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में घरों, खेतों और खुले स्थानों पर सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। जमीन या खुले स्थान के पास सोने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सांप के काटने की स्थिति में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के भरोसे समय गंवाना खतरनाक साबित हो सकता है। काटे गए स्थान को चीरने, जहर चूसने या बहुत कसकर रस्सी बांधने जैसे उपाय भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
एंटी स्नेक वेनम की मात्रा डॉक्टर करते हैं तय
सर्पदंश के उपचार में एंटी स्नेक वेनम की जरूरत और मात्रा मरीज के लक्षणों तथा चिकित्सकीय जांच के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं। अधिक वायल दिए जाने का मतलब अपने-आप यह नहीं होता कि मरीज की स्थिति ठीक हो जाएगी। कई गंभीर मामलों में सांस, रक्तस्राव, तंत्रिका तंत्र या अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ने के कारण अतिरिक्त चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा गया है। घटना ने एक बार फिर सर्पदंश को लेकर सावधानी और समय पर अस्पताल पहुंचने की अहमियत को रेखांकित किया है।
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