लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रोजगार और नियुक्तियों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल आंकड़े गिनता रह जाएगा, जबकि सरकार युवाओं को रोजगार देने का काम लगातार करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो दिनों में प्रदेश के विभिन्न विभागों में चयनित 1,730 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है और योग्य उम्मीदवारों को उनकी क्षमता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए समयबद्ध और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में नियुक्तियां बिना भेदभाव और बिना किसी सिफारिश के हो रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लगातार रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निवेश और उद्योगों के माध्यम से भी रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं।
1730 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि दो दिनों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 1,730 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। इनमें अलग-अलग सरकारी विभागों के चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि युवाओं के जीवन में नई शुरुआत का अवसर है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की सलाह दी।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का दावा
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कई सुधार किए हैं। उन्होंने दावा किया कि अब चयन प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश नहीं है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर विवाद सामने आते थे, लेकिन अब तकनीक के इस्तेमाल और बेहतर निगरानी व्यवस्था से प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाया गया है।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरी देना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिल सकें।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के रोजगार संबंधी आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कुछ लोग केवल सवाल उठाने का काम करते हैं, जबकि सरकार जमीन पर काम कर रही है।उन्होंने कहा, "विपक्ष गिनता जाए, सरकार नौकरियां देती जाएगी।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिला है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
नियुक्त कर्मचारियों से की अपील
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करें और प्रदेश के विकास में योगदान दें।उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस भरोसे के साथ युवाओं को जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाना चाहिए।
रोजगार को लेकर जारी राजनीतिक बहस
उत्तर प्रदेश में रोजगार और सरकारी भर्तियां लंबे समय से राजनीतिक मुद्दा रही हैं। सत्ता पक्ष जहां अपनी नियुक्तियों और रोजगार योजनाओं को उपलब्धि के रूप में पेश करता है, वहीं विपक्ष सरकार के रोजगार संबंधी दावों पर सवाल उठाता रहा है।सरकार का कहना है कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के जरिए युवाओं को अवसर दिए जा रहे हैं, जबकि विपक्ष रोजगार के आंकड़ों और नौकरी की स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करता रहा है।