आजमगढ़। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी होने से पहले आजमगढ़ मंडल में बड़ी संख्या में लाभार्थियों के सत्यापन का काम लंबित है। मंडल के 97 हजार 773 मामलों का अभी सत्यापन पूरा नहीं हो पाया है।
इन मामलों में किसानों के भूमि संबंधी अभिलेखों और लाभार्थियों के विवरण की जांच कर जरूरी डाटा सुधार किया जाना है। शासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सितंबर के अंत तक लंबित सभी मामलों का शत-प्रतिशत सत्यापन और डाटा शुद्धीकरण पूरा किया जाए।
तीन जिलों में लंबित हैं मामले
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सत्यापन के लिए लंबित मामलों में आजमगढ़ मंडल के तीन जिले शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, आजमगढ़ जिले में 56 हजार 634, मऊ में 23 हजार 127 और बलिया में 18 हजार 12 मामले सत्यापन के लिए लंबित हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में रिकॉर्ड की जांच, भूमि संबंधी जानकारी का मिलान और लाभार्थियों के विवरण को सही किया जाना है।
समय पर सत्यापन नहीं हुआ तो प्रभावित हो सकती है किस्त
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना की अगली किस्त जारी होने से पहले लाभार्थियों का विवरण सही होना जरूरी है।
यदि लंबित मामलों का सत्यापन समय पर पूरा नहीं हुआ तो संबंधित किसानों की किस्त प्रभावित हो सकती है।
इसी को देखते हुए शासन ने सभी लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश जारी किए हैं।
सितंबर अंत तक पूरा करना होगा काम
शासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह तक लंबित मामलों का 100 प्रतिशत सत्यापन पूरा किया जाए।
इसके साथ ही जिन लाभार्थियों के रिकॉर्ड में त्रुटियां हैं, उनका डाटा भी सही किया जाना है, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने में कोई परेशानी न हो।
पूर्व भूमि स्वामी के विवरण वाले मामले सबसे ज्यादा
आजमगढ़ मंडल में लंबित मामलों में सबसे अधिक संख्या उन मामलों की है, जिनमें पूर्व भूमि स्वामी के विवरण से जुड़ी जानकारी अधूरी है।
आंकड़ों के अनुसार, आजमगढ़ जिले में ऐसे 37 हजार 937 मामले लंबित हैं। वहीं, मऊ में 14 हजार 561 और बलिया में 11 हजार 528 मामले ऐसे हैं, जिनमें पूर्व भूमि स्वामी से संबंधित विवरण पूरा नहीं है।
इन रिकॉर्डों को दुरुस्त करने के लिए राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों की मदद ली जा रही है।
भूमि रिकॉर्ड का किया जा रहा मिलान
पीएम किसान सम्मान निधि योजना में पात्रता के लिए भूमि संबंधी रिकॉर्ड का सही होना जरूरी है। इसी कारण लाभार्थियों के नाम, जमीन के दस्तावेज और अन्य विवरणों का मिलान किया जा रहा है।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाली गलतियों को ठीक किया जा रहा है, ताकि वास्तविक किसानों को योजना का लाभ मिल सके।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित विभागों को लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए हैं।
राजस्व कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को गांव-गांव जाकर रिकॉर्ड की जांच और डाटा सुधार का काम पूरा करने के लिए कहा गया है।
किसानों से भी सहयोग की अपील
अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि यदि उनके दस्तावेज या विवरण में कोई कमी है तो वे संबंधित कार्यालयों से संपर्क कर उसे जल्द ठीक कराएं।
सही दस्तावेज उपलब्ध होने से सत्यापन प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकेगी और किसानों को किस्त मिलने में परेशानी नहीं होगी।
योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत पात्र किसानों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए लाभार्थियों का सही और अपडेट रिकॉर्ड होना जरूरी है।
आजमगढ़ मंडल में लंबित 97 हजार से अधिक मामलों के सत्यापन को देखते हुए प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है, ताकि पात्र किसानों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।