ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श 2026’ का रविवार को समापन हुआ। प्रेरणा शोध संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

‘नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ विषय पर केंद्रित इस आयोजन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘प्रेरणा विचार’ और ‘केशव संवाद’ पत्रिका के वर्ष 2026-27 अंक का आधिकारिक विमोचन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ के गायन के साथ हुई। इस दौरान परिसर में देशभक्ति और सामाजिक चिंतन का माहौल देखने को मिला।

भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना पर जोर

समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने भारतीय इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना के महत्व पर अपने विचार रखे।

उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ सकता है, जब वह अपने अतीत के गौरव, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य के संकल्पों को समझे।

स्वांत रंजन ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समाज की शक्ति बताते हुए कहा कि देश की दिशा तय करने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

नारी सम्मान और युवा शक्ति पर चर्चा

‘नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ विषय पर आयोजित इस विमर्श में महिलाओं के सम्मान, युवाओं की भूमिका और सामाजिक मूल्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी और युवाओं की ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग जरूरी है।

उन्होंने शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता को समाज निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।

मुख्यमंत्री योगी ने किया पत्रिकाओं का विमोचन

समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेरणा शोध संस्थान से जुड़ी ‘प्रेरणा विचार’ और ‘केशव संवाद’ पत्रिकाओं के नए अंकों का विमोचन किया।

इन पत्रिकाओं में सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों से जुड़े लेखों को शामिल किया गया है।

गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में जुटे प्रमुख लोग

कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक क्षेत्र और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।

आयोजन के दौरान भारतीय संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए गए।

युवाओं को आगे बढ़ने का संदेश

विमर्श में युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों को समझने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और उनके विचार व प्रयास समाज में बदलाव ला सकते हैं।

प्रेरणा शोध संस्थान का उद्देश्य

प्रेरणा शोध संस्थान की ओर से आयोजित इस विमर्श का उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों पर संवाद को बढ़ावा देना है।

संस्थान समय-समय पर विभिन्न विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनमें समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग हिस्सा लेते हैं।

समापन अवसर पर दिखी सांस्कृतिक झलक

कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिली। राष्ट्रगान और वंदे मातरम के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में देश और समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

आयोजकों ने कहा कि इस तरह के विमर्श समाज में सकारात्मक विचारों के प्रसार में मदद करते हैं।

विचार मंथन के साथ हुआ समापन

‘प्रेरणा विमर्श 2026’ का समापन सामाजिक चिंतन, सांस्कृतिक चर्चा और राष्ट्रीय विषयों पर विचार मंथन के साथ हुआ।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज में महिलाओं के सम्मान, युवाओं के आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया।

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