यमुना का जलस्तर बढ़ा, मथुरा प्रशासन अलर्ट; फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं: डीएम
Mathura मथुरा: यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट सी.पी. सिंह ने बताया कि मथुरा जिले में यमुना नदी लगभग 85 किलोमीटर तक बहती है और पूरे जिले को दो हिस्सों में विभाजित करती है। उन्होंने कहा कि ओखला बैराज से छोड़ा गया पानी मथुरा तक पहुंचता है, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ता है। फिलहाल जितना पानी छोड़ा गया है, उससे केवल जलस्तर में वृद्धि हुई है और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में ऐसी कोई संभावना भी नजर नहीं आ रही है, लेकिन प्रशासन किसी भी आकस्मिक परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
डीएम ने कहा कि पिछले वर्ष मथुरा ने इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी बाढ़ का सामना किया था। उस अनुभव के आधार पर इस बार पहले से व्यापक तैयारियां की गई हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए शेल्टर होम तैयार रखे गए हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
उन्होंने बताया कि केवल लोगों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि पशुओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। विशेष रूप से गायों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की व्यवस्था पहले से कर ली गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति में किसी भी बदलाव पर तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।