देहरादून। उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर चल रहा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। कांग्रेस के प्रभाव वाले चकराता क्षेत्र में अनदेखी का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी ही सरकार के मंत्री खजानदास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के आवास का घेराव कर अपनी नाराजगी जताई।

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा विधायक की पत्नी ने किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की समस्याओं और कथित उपेक्षा को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और मंत्री के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चकराता क्षेत्र के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर कई बार ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने मंत्री आवास का घेराव करने का फैसला लिया।

प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया, जब मंत्री खजानदास ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह पार्टी और सरकार के प्रति पूरी तरह जिम्मेदार हैं और यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो वह पद छोड़ने को तैयार हैं।

मंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है, क्योंकि यह आरोप किसी विपक्षी दल की ओर से नहीं बल्कि अपने ही लोगों की ओर से लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप साबित होते हैं तो वह राजनीतिक जीवन से हटने का फैसला करेंगे।

उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम किया है। क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। उन्होंने आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी तरह की जांच में सहयोग किया जाएगा।

वहीं, प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं है, बल्कि क्षेत्र के मुद्दों को सामने रखना है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाना उनका अधिकार है और वह आगे भी क्षेत्र के हितों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करते रहेंगे।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, सत्तारूढ़ दल के अंदर इस तरह का सार्वजनिक विरोध पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकता है। आमतौर पर पार्टी के भीतर उठने वाली नाराजगी को संगठन स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन सड़क पर प्रदर्शन होने से मामला ज्यादा चर्चा में आ जाता है।

चकराता क्षेत्र लंबे समय से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां कांग्रेस का मजबूत प्रभाव रहा है और भाजपा संगठन अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करता रहा है। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं का खुला विरोध पार्टी के स्थानीय समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

घेराव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई। हालांकि प्रदर्शन के दौरान किसी बड़े विवाद या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

फिलहाल इस पूरे मामले पर भाजपा संगठन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी स्तर पर इस विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत की संभावना जताई जा रही है।

वहीं, मंत्री खजानदास के बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। अब देखना होगा कि पार्टी संगठन इस मामले को किस तरह संभालता है और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

Tags: