प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में यमुना नदी के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चंबल और बेतवा नदियों में बढ़े पानी का असर अब यमुना में दिखाई देने लगा है। पिछले तीन दिनों से नैनी में यमुना का जलस्तर लगातार कम हो रहा था, लेकिन मंगलवार सुबह से घटने की रफ्तार धीमी पड़ गई। इसके बाद शाम के समय अचानक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे प्रशासन और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मंगलवार शाम चार बजे के बाद यमुना के जलस्तर में बदलाव देखने को मिला। चार घंटे के भीतर नदी का पानी एक सेंटीमीटर बढ़ गया। इसके बाद रात आठ बजे दर्ज आंकड़ों में बढ़ोतरी की गति और तेज हो गई। रात आठ बजे तक चार घंटे में यमुना का जलस्तर तीन सेंटीमीटर तक बढ़ गया। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन नदी के उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।

तीन दिनों से घट रहा था जलस्तर

प्रयागराज में यमुना का जलस्तर पिछले कुछ दिनों से धीरे-धीरे कम हो रहा था। इससे प्रशासन और नदी किनारे बसे लोगों को राहत मिली थी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थिति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ रही थी।

लेकिन मंगलवार को नदी के रुख में अचानक बदलाव देखने को मिला। चंबल और बेतवा नदियों में आए पानी का प्रभाव यमुना में पहुंचने लगा है। इसी वजह से यमुना के जलस्तर में फिर से वृद्धि दर्ज की गई है।

चंबल और बेतवा के पानी का असर

जानकारों के अनुसार, यमुना में पानी की बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण ऊपरी क्षेत्रों से आने वाला पानी है। चंबल और बेतवा जैसी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने के बाद उसका प्रभाव धीरे-धीरे यमुना पर पड़ता है।

नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ने के कारण यमुना के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना रहता है। प्रयागराज में संगम क्षेत्र सहित यमुना के किनारे बसे इलाकों में इस बदलाव पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

यमुना के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को लगातार स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

बाढ़ नियंत्रण विभाग और संबंधित अधिकारियों द्वारा जलस्तर की हर घंटे निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां बनाए रखी गई हैं।

तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

यमुना के किनारे रहने वाले लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। पिछले दिनों जलस्तर कम होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन मंगलवार को फिर पानी बढ़ने से हालात पर नजर रखने की जरूरत महसूस की जा रही है।

नदी किनारे बसे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग जलस्तर की जानकारी लगातार ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की जा रही है।

बारिश और नदियों के प्रवाह पर निर्भर स्थिति

यमुना का जलस्तर आने वाले दिनों में बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी पर निर्भर करेगा। यदि सहायक नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ता है या पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो यमुना का जलस्तर फिर प्रभावित हो सकता है।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी गई है।

प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। मंगलवार को यमुना में अचानक आई बढ़ोतरी ने एक बार फिर बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को सक्रिय कर दिया है।

फिलहाल यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया जा रहा है, लेकिन चंबल और बेतवा से आने वाले पानी के प्रभाव को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक नदी के जलस्तर पर नजर रखना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

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