सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़े 17 करोड़ 29 लाख रुपये के नकली नोट मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। मंगलवार रात करेंसी चेस्ट के मैनेजर की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। एजेंसी अब इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा की गई जांच और जुटाए गए साक्ष्यों का भी अध्ययन करेगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर पुलिस केस डायरी और जांच से जुड़े अन्य दस्तावेज एनआईए को सौंपने की प्रक्रिया में जुट गई है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले दो दिनों के भीतर जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर रिकॉर्ड एनआईए को उपलब्ध करा दिए जाने की संभावना है। इसके बाद जांच एजेंसी स्थानीय पुलिस की अब तक की कार्रवाई, पूछताछ और बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगी।
करेंसी चेस्ट से मिले थे करोड़ों के नकली नोट
सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये के नकली नोट मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। शुरुआती जांच में सामने आया कि कुल 17 करोड़ 29 लाख रुपये के नकली नोटों का मामला सामने आया है। इतनी बड़ी मात्रा में नकली मुद्रा मिलने के बाद इसे केवल बैंक स्तर की गड़बड़ी नहीं बल्कि बड़े नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की जांच एजेंसी एनआईए को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। एनआईए ने करीब सात दिनों से इस मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच शुरू कर रखी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इसके पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका है।
बैंक अधिकारी की गिरफ्तारी से बढ़ा जांच का दायरा
मंगलवार रात करेंसी चेस्ट मैनेजर की गिरफ्तारी के बाद जांच में नया मोड़ आया है। जांच एजेंसियां अब बैंक के अंदर की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और नकदी के रखरखाव से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, एनआईए यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोटों की पहचान समय रहते क्यों नहीं हो पाई और इतनी बड़ी रकम करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंच गई। इसके अलावा बैंक के रिकॉर्ड, लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच के दस्तावेज होंगे अहम
सहारनपुर पुलिस ने मामले की शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं। अब वही रिकॉर्ड एनआईए के लिए अहम साबित हो सकते हैं। पुलिस की केस डायरी में दर्ज बयान, पूछताछ की जानकारी, जब्ती की कार्रवाई और अन्य सबूतों को एनआईए अपनी जांच में शामिल करेगी।
अधिकारियों का कहना है कि केस डायरी सौंपने के बाद दोनों जांच एजेंसियों के बीच समन्वय और बेहतर होगा। इससे मामले की तह तक पहुंचने में मदद मिलेगी और यह स्पष्ट हो सकेगा कि नकली नोटों का यह नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा था।
बड़े नेटवर्क की आशंका
17 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली नोटों का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क हो सकता है। एनआईए ऐसे मामलों में अक्सर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच करती है।
जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि नकली नोटों की छपाई कहां हुई, उन्हें किस माध्यम से बैंक तक पहुंचाया गया और इसमें कितने लोग शामिल हैं। इसके लिए संदिग्ध लोगों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच का सिलसिला जारी है।
आने वाले दिनों में हो सकते हैं बड़े खुलासे
मैनेजर की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि मामले में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। एनआईए बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। केस डायरी और अन्य दस्तावेज मिलने के बाद एनआईए अपनी जांच को और आगे बढ़ाएगी।
फिलहाल सहारनपुर नकली नोट कांड में जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि आखिर करोड़ों रुपये की नकली करेंसी बैंक की करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।