सिद्धार्थनगर। लंबे समय से इंतजार की जा रही खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना अब धीरे-धीरे धरातल पर आकार लेने लगी है। परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने से क्षेत्रवासियों में नई उम्मीद जगी है। रेलवे ने पहले चरण के तहत प्रस्तावित रेल लाइन के लिए जमीन तैयार करने का काम तेज कर दिया है।
इस परियोजना के तहत ट्रैक बिछाने से पहले रेलवे लाइन के मार्ग को मजबूत और समतल बनाने का काम किया जा रहा है। मिट्टी भराई और जमीन समतलीकरण का कार्य कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पहले चरण में बनेगी 54 किलोमीटर रेल लाइन
पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के तहत कुल 264 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है।
इस परियोजना को तीन चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में करीब 54 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण किया जाना है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पहले ट्रैक निर्माण के लिए जमीन को तैयार किया जा रहा है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से रेल लाइन बिछाने का काम शुरू किया जाएगा।
बांसी क्षेत्र में तेजी से चल रहा कार्य
परियोजना के पहले चरण में बांसी तहसील क्षेत्र में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, करमा से गौरी तक करीब 19 किलोमीटर हिस्से में मिट्टी डालने और जमीन भराई का काम लगभग पूरा हो चुका है।
शेष हिस्से में भी जल्द काम शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। निर्माण कार्य में तेजी आने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।
27 गांवों की जमीन का हुआ अधिग्रहण
रेल परियोजना के लिए बांसी तहसील क्षेत्र के 27 गांवों की 82.81 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
रेलवे और प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित किसानों को भूमि का मुआवजा देने के लिए एक करोड़ 46 लाख रुपये का अवार्ड तैयार किया गया था।
मुआवजा वितरण की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।
किसानों को मिला मुआवजा
भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुआवजा दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि भूमि संबंधी कार्य पूरे होने के बाद निर्माण कार्य को गति देने में मदद मिली है।
रेलवे अब परियोजना के निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
क्षेत्रवासियों में बढ़ी उम्मीद
खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से मांग का विषय रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल सुविधा मिलने से आवागमन आसान होगा और व्यापार, शिक्षा तथा रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों को बड़े शहरों से बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है।
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
नई रेल लाइन परियोजना से केवल यातायात सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
रेल संपर्क मजबूत होने से कृषि उत्पादों, छोटे व्यापार और स्थानीय उद्योगों को लाभ मिल सकता है।
इसके अलावा पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
रेलवे ने बढ़ाई निगरानी
पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारी लगातार निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
जमीन तैयार करने के बाद अगले चरण में ट्रैक निर्माण और अन्य तकनीकी कार्य शुरू किए जाएंगे।
वर्षों पुराना सपना होगा पूरा
खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने की उम्मीद है।
निर्माण कार्य में आई तेजी ने लोगों की उम्मीदों को और मजबूत किया है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि परियोजना का निर्माण कार्य किस गति से आगे बढ़ता है और कब तक क्षेत्र को नई रेल सुविधा मिल पाती है।