जल शक्ति मंत्री ने किया भूजल सप्ताह का उद्घाटन

Update: 2026-07-16 11:57 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भूजल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भूजल सप्ताह-2026 का शुभारंभ किया गया। राजधानी लखनऊ के लोहिया पार्क एम्फीथिएटर, गोमती नगर में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अभियान का उद्घाटन किया। यह अभियान 16 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।

इस वर्ष भूजल सप्ताह का मुख्य संदेश “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” रखा गया है। अभियान के माध्यम से लोगों को भूजल के महत्व, जल की बर्बादी रोकने और वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जल मानव जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है। लगातार बढ़ती आबादी, तेजी से हो रहे शहरीकरण और जल के अधिक दोहन के कारण कई क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में लोगों की भागीदारी से ही जल संरक्षण को सफल बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार भूजल संरक्षण के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। इसके तहत वर्षा जल संचयन, तालाबों का संरक्षण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और पानी के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भूजल सप्ताह के तहत प्रदेश के उन क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। राज्य के 10 अतिदोहित शहरों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इन अभियानों के जरिए आम लोगों, विद्यार्थियों, किसानों और विभिन्न संगठनों को जल संरक्षण के उपायों की जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग रस्तोगी ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद स्कूलों के छात्र-छात्राओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि यदि आज जल संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है। इसलिए हर व्यक्ति को पानी के संतुलित उपयोग की आदत अपनानी होगी।

भूजल सप्ताह के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें जन जागरूकता रैलियां, कार्यशालाएं, स्कूलों में कार्यक्रम, जल संरक्षण से जुड़े प्रशिक्षण और लोगों को वर्षा जल संचयन के लिए प्रेरित करने वाले अभियान शामिल होंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में गिरावट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। खेती, उद्योग और घरेलू जरूरतों के लिए भूजल पर बढ़ती निर्भरता के कारण जल स्रोतों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में वर्षा जल को संरक्षित करना और भूजल का सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।

सरकार का उद्देश्य है कि भूजल सप्ताह के माध्यम से लोगों को यह समझाया जाए कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। छोटे-छोटे प्रयास जैसे पानी की बचत, घरों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था और जल स्रोतों की देखभाल से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सरकार को उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश में जल संरक्षण को लेकर लोगों की सोच में बदलाव आएगा और भविष्य में जल संकट की चुनौती से निपटने में मदद मिलेगी।

भूजल सप्ताह-2026 के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए लोगों से पानी बचाने और इसके सही उपयोग का संकल्प लेने की अपील की है।

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