लखनऊ: वक्फ संशोधन बिल को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि उनकी पार्टी वक्फ संशोधन बिल से सहमत नहीं है और इस बिल से मुसलमानों के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। मायावती ने आरोप लगाया कि इस बिल के जरिए वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग बढ़ सकता है, और यदि ऐसा होता है तो उनकी पार्टी मुसलमानों के साथ खड़ी होगी।
मायावती ने कहा, “हमने हमेशा मुसलमानों के हक की बात की है, और अगर वक्फ संपत्तियों का गलत इस्तेमाल होता है तो हम इसका विरोध करेंगे।” उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस संशोधन बिल को संविधान और मुसलमानों के अधिकारों के खिलाफ माना जाता है।
वक्फ बिल में कुछ संशोधन किए गए हैं, जिसके अनुसार वक्फ संपत्तियों का प्रशासन और निगरानी अब सरकार के नियंत्रण में होगा। मायावती ने इस पर अपनी असहमति व्यक्त की और कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों के वास्तविक धार्मिक उद्देश्य को नुकसान होगा।
उनका कहना था कि इस बिल का राजनीतिक उद्देश्य मुसलमानों के अधिकारों को कमजोर करना है, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी पार्टी मुसलमानों के खिलाफ होने वाली किसी भी विकृति के खिलाफ हमेशा खड़ी रहेगी।
मायावती ने इस बिल को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा और कहा कि जब तक सरकार मुसलमानों के अधिकारों की सुरक्षा की कोई ठोस योजना नहीं पेश करती, तब तक यह बिल केवल विभाजन और अन्याय का कारण बनेगा।
साथ ही, मायावती ने यह भी कहा कि बसपा पार्टी इस बिल का विरोध करती है और अगर इसे लागू किया जाता है तो इसके खिलाफ आंदोलन भी किया जा सकता है।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है, और कई नेता इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।