अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े चोरी के मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े लोगों के बीच मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। प्रकरण में गुरुवार को ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की ओर से सामने आए नौ पन्नों के पत्र के बाद विवाद ने नया रूप ले लिया। पत्र में लगाए गए आरोपों के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी और राम मंदिर निर्माण से जुड़े रहे नृपेंद्र मिश्र से शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे मीडियाकर्मियों ने सवाल किए।

चंपत राय के आरोपों को लेकर सवाल पूछे जाने पर नृपेंद्र मिश्र नाराज नजर आए। उन्होंने आरोपों को लेकर मीडिया के सवालों पर कहा कि यह मीडिया की मनगढ़ंत कहानी है और पत्रकारों पर विवाद खड़ा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

नौ पन्नों के पत्र से बढ़ी हलचल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर गुरुवार को चंपत राय का नौ पन्नों का पत्र चर्चा में आया। पत्र में उन्होंने मंदिर व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी और कुछ गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद ट्रस्ट और मंदिर निर्माण से जुड़े पुराने पदाधिकारियों के बीच मतभेद की चर्चा शुरू हो गई।

चंपत राय के पत्र में कथित तौर पर नृपेंद्र मिश्र की कार्यशैली और निर्णयों को लेकर सवाल उठाए गए। आरोपों में मनमानी का उल्लेख भी सामने आया। इसके बाद शुक्रवार को जब नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे तो पत्रकारों ने उनसे चंपत राय के आरोपों पर प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की।

सवालों पर नाराज हुए नृपेंद्र मिश्र

मीडिया के सवालों पर नृपेंद्र मिश्र ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह मीडिया की बनाई हुई कहानी है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे विवाद पैदा करना चाहते हैं।

नृपेंद्र मिश्र ने यह भी कहा कि उन्होंने चंपत राय की आलोचना नहीं की है। पत्रकारों द्वारा लगातार सवाल किए जाने पर उन्होंने आरोपों को लेकर अपनी असहमति जताई और कहा कि चंपत राय ने मनमानी का आरोप लगाया था।

उनकी प्रतिक्रिया के बाद मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की पूरी पृष्ठभूमि और पत्र में दर्ज सभी दावों को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत स्थिति अभी सामने आना बाकी है।

चढ़ावा चोरी मामले से शुरू हुआ विवाद

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े चोरी के मामले के सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा, चढ़ावे की व्यवस्था और संबंधित जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठे हैं। श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर में बड़ी मात्रा में दान और चढ़ावा दिया जाता है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी अनियमितता की खबर स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाती है।

प्रकरण सामने आने के बाद मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल उठने लगे। इसी बीच चंपत राय के पत्र ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया।

पुराने पदाधिकारियों के बीच मतभेद की चर्चा

चंपत राय और नृपेंद्र मिश्र दोनों ही राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण दौर में प्रमुख भूमिका में रहे हैं। ऐसे में दोनों के बीच मतभेद से जुड़े आरोप सामने आने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चंपत राय के पत्र में नृपेंद्र मिश्र पर लगाए गए आरोपों के बाद यह चर्चा शुरू हुई कि क्या मंदिर निर्माण और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर दोनों के बीच पहले से मतभेद थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नृपेंद्र मिश्र ने जिस तरह मीडिया के सवालों पर प्रतिक्रिया दी, उससे यह जरूर स्पष्ट हुआ कि वे चंपत राय की ओर से लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

नृपेंद्र मिश्र ने मीडिया पर उठाए सवाल

अयोध्या पहुंचने के दौरान पत्रकारों ने जब नृपेंद्र मिश्र से चंपत राय के पत्र और उसमें लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने इसे मीडिया की ओर से तैयार की गई कहानी बताया।

उन्होंने कहा कि मीडिया विवाद चाहता है। उनके इस बयान के बाद पत्रकारों और नृपेंद्र मिश्र के बीच बातचीत का माहौल कुछ समय के लिए गरम हो गया।

नृपेंद्र मिश्र ने यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि उन्होंने चंपत राय की आलोचना नहीं की थी। उनके मुताबिक, मनमानी का आरोप चंपत राय की ओर से लगाया गया था।

ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल

विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। राम मंदिर निर्माण के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है। चढ़ावे और दान की व्यवस्था भी मंदिर प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

ऐसे में चोरी या अनियमितता से जुड़ा कोई भी मामला मंदिर की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर सकता है। श्रद्धालुओं की ओर से भी उम्मीद की जाती है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित हो।

जांच और आधिकारिक स्थिति का इंतजार

फिलहाल चढ़ावा चोरी प्रकरण और उससे जुड़े आरोपों को लेकर विभिन्न दावे सामने आ रहे हैं। चंपत राय के पत्र में लगाए गए आरोपों पर नृपेंद्र मिश्र ने स्पष्ट रूप से असहमति जताई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने के लिए आधिकारिक जांच या ट्रस्ट की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार है।

राम मंदिर से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी संवेदनशीलता भी काफी अधिक है। इसलिए आरोपों की पुष्टि तथ्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

कुल मिलाकर, अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण ने अब मंदिर व्यवस्था से जुड़े पुराने पदाधिकारियों के बीच कथित मतभेद को भी चर्चा में ला दिया है। चंपत राय के नौ पन्नों के पत्र में लगाए गए आरोपों के बाद शुक्रवार को नृपेंद्र मिश्र से सवाल किए गए, जिस पर उन्होंने इसे मीडिया की मनगढ़ंत कहानी बताया और विवाद पैदा करने का आरोप लगाया। अब इस पूरे मामले में ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Tags: