मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में रिहायशी इलाके में संचालित शराब की दुकान को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) खुद मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर स्थिति को संभाला।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबादी वाले क्षेत्र में शराब की दुकान होने से आसपास के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि दुकान के आसपास अक्सर भीड़ लगी रहती है, जिससे महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में असुविधा होती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि रिहायशी इलाके से शराब की दुकान को हटाया जाए।
महिलाओं और बच्चों ने किया विरोध प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद के एक रिहायशी इलाके में स्थित शराब की दुकान के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर लोगों ने दुकान हटाने की मांग की और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
महिलाओं का कहना था कि शराब की दुकान के कारण इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान के आसपास शराब पीने वाले लोगों की भीड़ रहती है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि बच्चों और महिलाओं को रोजाना इस रास्ते से गुजरना पड़ता है, ऐसे में शराब की दुकान होने से उन्हें परेशानी होती है।
डीएम ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला
प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। डीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि पूरे मामले की जांच की जाए और यह देखा जाए कि शराब की दुकान नियमों के अनुसार संचालित हो रही है या नहीं।
प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया और आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
लोगों ने दुकान हटाने की मांग की
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शराब की दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि आबादी वाले क्षेत्र में ऐसी दुकानें होने से सामाजिक माहौल खराब होता है।
महिलाओं ने प्रशासन से अपील की कि बच्चों और परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द फैसला लिया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, उनका विरोध जारी रहेगा।
शराब की दुकानों को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
देश के कई हिस्सों में रिहायशी इलाकों में शराब की दुकानों को लेकर स्थानीय लोग विरोध करते रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी दुकानों के आसपास असामाजिक गतिविधियां बढ़ने का खतरा रहता है।
हालांकि, आबकारी विभाग की ओर से शराब की दुकानों के लिए कई नियम निर्धारित किए जाते हैं। दुकान खोलने से पहले स्थान, लाइसेंस और अन्य मानकों की जांच की जाती है।
अगर किसी दुकान के संचालन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो विभाग कार्रवाई कर सकता है।
प्रशासन करेगा जांच
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। अब यह देखा जाएगा कि शराब की दुकान तय नियमों के तहत चल रही है या नहीं।
प्रशासन का कहना है कि जनता की सुरक्षा और सुविधा सबसे महत्वपूर्ण है। यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों में बनी हुई नाराजगी
हालांकि प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति फिलहाल शांत हो गई है, लेकिन स्थानीय लोगों की नाराजगी अभी भी बनी हुई है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे हैं और अब स्थायी समाधान चाहते हैं।
लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि शराब की दुकान को हटाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
डीएम की पहल से टला बड़ा विवाद
प्रदर्शन के दौरान डीएम के मौके पर पहुंचने से स्थिति नियंत्रण में रही। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से लोगों को अपनी बात रखने का मौका मिला और किसी भी तरह के विवाद की स्थिति नहीं बनी।
फिलहाल प्रशासन की जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। अगर दुकान नियमों के खिलाफ संचालित पाई जाती है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है।
मुरादाबाद में शराब की दुकान के खिलाफ महिलाओं और बच्चों का सड़क पर उतरना एक बार फिर यह दिखाता है कि स्थानीय लोग अपने क्षेत्र की सुरक्षा और सामाजिक माहौल को लेकर कितने संवेदनशील हैं।