उत्तर प्रदेश :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ऊर्जावान युवा वर्कफोर्स मौजूद है। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं की इस ताकत को रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमियों में बदला जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल स्टार्टअप में अभी उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन में स्टार्टअप नीति के तहत आयोजित कार्यक्रम में युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी की बड़ी आबादी को कई लोग चुनौती के रूप में देखते हैं, लेकिन सरकार इसे डेमोग्राफिक डिविडेंड मानती है। उनका कहना था कि अगर युवाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन मिल जाएं तो यही युवा प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं।
यूपी को स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी
योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप और इनोवेशन के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए विचारों और तकनीक आधारित कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि युवा अपने नए आइडिया को केवल सोच तक सीमित न रखें, बल्कि उसे सफल बिजनेस मॉडल में बदल सकें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 पुस्तिका का विमोचन किया और स्टार्टअप मिशन पोर्टल की शुरुआत की। इस अवसर पर 107 स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन राशि और 9 इनक्यूबेटर्स को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
देश में बढ़ा स्टार्टअप कल्चर
मुख्यमंत्री ने भारत के स्टार्टअप सफर का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से पहले देश में स्टार्टअप की संख्या बहुत सीमित थी, जबकि अब इनकी संख्या लाखों में पहुंच चुकी है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी बदलाव देखने को मिला है। कुछ साल पहले जहां प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या काफी कम थी, वहीं अब यह संख्या हजारों में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यूपी में अब 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं और कई कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
यूपी की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आबादी का बड़ा हिस्सा रखता है, इसलिए स्टार्टअप क्षेत्र में भी प्रदेश की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के कुल स्टार्टअप में यूपी की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत है और इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके लिए प्रशिक्षण, फंडिंग, इनक्यूबेशन सेंटर और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी
मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्टार्टअप का संचालन महिलाएं कर रही हैं। सरकार महिला स्टार्टअप फाउंडर्स को भी प्रोत्साहित कर रही है ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं बल्कि समाज में आर्थिक बदलाव भी आता है।
इनक्यूबेटर्स की भूमिका अहम
स्टार्टअप को सफल बनाने में इनक्यूबेटर्स की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। ये संस्थान नए उद्यमियों को शुरुआती दौर में मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और बाजार से जुड़ने में मदद करते हैं।
योगी सरकार ने आईआईटी कानपुर, बीएचयू, एकेटीयू और अन्य संस्थानों के साथ मिलकर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में काम करने की बात कही है।
रोजगार देने वाला बनेगा युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा केवल नौकरी खोजने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद नौकरी देने वाला बने। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि बदलते यूपी में शिक्षा, तकनीक, उद्योग और नवाचार को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बदलती यूपी की तस्वीर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की छवि में बदलाव आया है। अब प्रदेश को निवेश, उद्योग और स्टार्टअप के नए केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार का दावा है कि बेहतर कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश नीतियों के कारण प्रदेश में उद्योगों के लिए माहौल बेहतर हुआ है।
आने वाले समय की चुनौती
हालांकि स्टार्टअप क्षेत्र में तेजी के बावजूद युवाओं को लंबे समय तक सफलता दिलाना बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल स्टार्टअप की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें टिकाऊ और सफल बनाना भी जरूरी है।
इसके लिए बेहतर प्रशिक्षण, बाजार तक पहुंच और लगातार वित्तीय सहायता की आवश्यकता होगी।
फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को केंद्र में रखकर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। अगर प्रदेश अपने लक्ष्य के अनुसार स्टार्टअप हिस्सेदारी को 20 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफल होता है तो यूपी देश के सबसे बड़े उद्यमिता केंद्रों में शामिल हो सकता है।
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