Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: रेलवे बस स्टेशन के स्थान पर प्रस्तावित शहर के पहले इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर नामित एजेंसी ने सर्वेक्षण के बाद मिट्टी परीक्षण का कार्य भी शुरू कर दिया है। इससे परियोजना के अगले चरण की तैयारी आगे बढ़ गई है।
करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक बस टर्मिनल 14,416 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस बस अड्डे के निर्माण के बाद यहां से देश के प्रमुख राज्यों के लिए सीधी बस सेवाएं संचालित की जाएंगी, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।
परियोजना के तहत इस नए बस टर्मिनल को रेलवे स्टेशन से फुट ओवरब्रिज के माध्यम से जोड़े जाने की भी योजना है, ताकि यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में आसानी हो। यह कनेक्टिविटी शहर के परिवहन ढांचे को और मजबूत बनाएगी।
बस टर्मिनल में आधुनिक सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा। इसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल और अन्य व्यावसायिक इकाइयों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे यात्रियों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
अधिकारियों के अनुसार, यह नया बस अड्डा आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा और इसे आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। इसके लिए लखनऊ के आलमबाग स्थित रेलवे बस स्टेशन की तर्ज पर मॉडल तैयार किया जा रहा है, जहां यात्रियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
परियोजना के निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही वर्तमान बस स्टेशन को अस्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और यात्रियों को भी असुविधा कम से कम हो।
अधिकारियों का कहना है कि इस टर्मिनल के तैयार होने के बाद शहर की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और अंतरराज्यीय यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी।
परियोजना को दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होने के बाद यह बस टर्मिनल न केवल यातायात का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि शहर के विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा।
फिलहाल मिट्टी परीक्षण और प्रारंभिक तकनीकी कार्य तेजी से जारी हैं और परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है।