उत्तर प्रदेश  : विधानमंडल के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, युवा, महिला और किसान डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में जनता और किसानों की समस्याओं की अनदेखी की, वही आज जनहित के मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं।

सीएम योगी ने राम मंदिर के मुद्दे को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अयोध्या और राम मंदिर को लेकर सवाल उठाने वाले लोगों का इतिहास जनता जानती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने कभी जय श्रीराम बोलने वाले रामभक्तों पर लाठी और गोली चलवाई थी, वही लोग आज राम मंदिर को लेकर बयान दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने न्यायालय में राम मंदिर निर्माण को रोकने के लिए वकीलों की बड़ी टीम खड़ी की थी।

मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण में चंदे को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी की बात करने वाले लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए कभी एक रुपया भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया इन नेताओं के दोहरे चरित्र को देख रही है।

किसानों के मुद्दे पर सीएम योगी ने पिछली सरकारों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय किसानों के हितों की अनदेखी की गई। किसानों को सिंचाई, सुरक्षा और उचित सुविधाएं नहीं मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिचौलियों का प्रभाव बढ़ने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा और उनकी स्थिति खराब हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि में अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि अब किसान आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं के माध्यम से तीन से चार फसलें उगा रहे हैं।

सीएम योगी ने गन्ना किसानों को लेकर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच कई चीनी मिलें बंद हुईं और कई मिलों को औने-पौने दामों पर बेचा गया। इसके विपरीत उनकी सरकार में अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य की अधिकांश चीनी मिलें किसानों के खातों में समय पर भुगतान कर रही हैं।

उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान किसानों का गन्ना मूल्य लंबे समय तक बकाया रहा। किसानों के ट्यूबवेल तक सुरक्षित नहीं थे। वहीं, वर्तमान सरकार 16 लाख ट्यूबवेल को निशुल्क बिजली उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र को लेकर भी सभी दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि विधानमंडल आम जनता की आवाज उठाने का सबसे बड़ा मंच है। जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाकर उनके समाधान का प्रयास करना चाहिए।

सीएम योगी ने विपक्ष से अपील की कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर प्रदेश के विकास में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि यह सत्र प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के हितों से जुड़ा हुआ है और सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संसदीय व्यवस्था में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर समाधान निकालना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण को आगे बढ़ाना है।

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