UP की सियासत गर्म, राजभर ने सपा पर साधा निशाना

Update: 2026-07-21 09:31 GMT

Lucknow लखनऊ :  उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी की नीतियों और नेताओं के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा भले ही गरीबों, पिछड़ों और दलितों के हितों की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इन वर्गों के साथ कथित रूप से अन्याय हो रहा है।

आईएएनएस से बातचीत के दौरान ओपी राजभर ने सपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मऊ जिले में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जमीन विवाद को लेकर विवाद की स्थिति दिखाई दे रही है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेता राजीव राय द्वारा एक यादव परिवार की जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है और मामला मारपीट तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया गया।

ओपी राजभर ने आगे आजमगढ़ जिले के लालगंज से सपा सांसद दरोगा प्रसाद सरोज को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सांसद ने एक दलित व्यक्ति की 50 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है और वहां स्विमिंग पूल बनाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सपा नेताओं को अपने उन दावों पर विचार करना चाहिए, जिनमें वे हमेशा पिछड़ों, दलितों और गरीबों के अधिकारों की बात करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की कथनी और करनी में अंतर है। राजभर ने कहा कि अगर किसी गरीब या कमजोर वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो सरकार उसकी मदद के लिए आगे आएगी।

ओपी राजभर ने प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी व्यक्ति हो, अगर वह किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करता है या किसी के साथ अन्याय करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उठाने का आरोप लगाया। राजभर ने कहा कि कई बार विपक्ष केवल बयानबाजी करता है, जबकि सरकार जमीन स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का काम कर रही है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और भाजपा गठबंधन सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। विपक्ष जहां सरकार की नीतियों और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाता रहा है, वहीं सत्तापक्ष विपक्षी नेताओं पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाता है।

ओपी राजभर अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। वह पिछड़ा वर्ग और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते हैं। इस बार उनके निशाने पर समाजवादी पार्टी और उसके कुछ नेता रहे हैं।

राजभर के आरोपों के बाद अब राजनीतिक माहौल गर्म होने की संभावना है। आने वाले दिनों में सपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी यदि शिकायतें सामने आती हैं तो संबंधित मामलों की जांच की जा सकती है। फिलहाल ओपी राजभर के बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

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