Up News: लखनऊ में यूपी एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की अवैध खेप जब्त की है। बताया जा रहा है कि ये खतरनाक इंजेक्शन बिहार से मिनरल वाटर और अन्य सामान के नाम पर लाए जा रहे थे। कार्रवाई में एसटीएफ ने करीब 2 करोड़ रुपये का स्टॉक जब्त किया है और चार तस्करों को गिरफ्तार किया है।सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए इंजेक्शन का इस्तेमाल सब्जियों और फलों को जल्दी बड़ा और ताज़ा दिखाने के लिए किया जाता था। इसके अलावा, डेयरी उत्पादों में दूध की मात्रा बढ़ाने और मवेशियों पर प्रयोग के लिए भी इसका अवैध रूप से इस्तेमाल किया जाता था। चिकित्सकीय रूप से इस इंजेक्शन का इस्तेमाल सीमित परिस्थितियों में ही होता है, लेकिन कालाबाजारी में इसकी धड़ल्ले से बिक्री से आम लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा था।
एसटीएफ को इस गिरोह की गतिविधियों की जानकारी काफी समय से मिल रही थी। जांच में पता चला कि यह नेटवर्क बिहार से लखनऊ और आसपास के जिलों तक फैला हुआ है। गिरोह के सदस्य मिनरल वाटर और दवा के पैकेट में इंजेक्शन छिपाकर सप्लाई करते थे ताकि किसी को शक न हो।
गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह पिछले कई महीनों से सक्रिय था और बड़ी मात्रा में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की अवैध सप्लाई कर रहा था। तस्करी का यह धंधा लाखों-करोड़ों रुपये का था, जिसके चलते अब तक हज़ारों खतरनाक इंजेक्शन बाज़ार में पहुँच चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑक्सीटोसिन का दुरुपयोग इंसानों के लिए बेहद हानिकारक है। इससे हार्मोनल असंतुलन, गंभीर बीमारियाँ और यहाँ तक कि जानलेवा स्थितियाँ भी पैदा हो सकती हैं। ऐसे में इस तरह की अवैध तस्करी पर नकेल कसना बेहद ज़रूरी है।एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि पुलिस जल्द ही इस रैकेट से जुड़े और लोगों तक पहुँचेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे नेटवर्क को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।