Up News: नहर में नहाते समय दो किशोरों समेत छह युवक डूबे, एक की मौत

Update: 2025-03-18 02:47 GMT
Up News : सोमवार दोपहर शारदा नहर में नहाने गए चार युवक और दो किशोर गहरे पानी में चले गए, जिससे सभी डूबने लगे। इससे वहां हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसओ रवींद्र सोनकर ने सिपाहियों के साथ नहर में छलांग लगा दी और पांच लोगों को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद एक युवक को नहीं बचाया जा सका और उसकी डूबकर मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्राम खरगापुर निवासी धर्मेंद्र कुमार (18) पुत्र रामकिशुन राठौर अपने गांव के दोस्त वीरू (18) पुत्र श्यामधर पासी, सरोज (14) पुत्र विनोद तेली, रवि (18) पुत्र नन्हू पासी, सचिन (16) पुत्र राजू रैदास और अगम मिश्रा (18) पुत्र गुड्डे मिश्रा के साथ ई-रिक्शा पर सवार होकर पसगवां के पास शारदा नहर में नहाने गए थे। होली से पहले शारदा नहर का पानी बंद कर दिया गया था, जिसके चलते सभी लोग किशनपुर अजीत पुल के पास झाल में एकत्र पानी में नहाने लगे।
झाल की गहराई का अंदाजा नहीं लग सका। नहाते समय धर्मेंद्र का पैर फिसल गया और वह गहराई में पहुंच गया और डूबने लगा। अन्य साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे भी गहराई में चले गए। इस बीच एक साथी किसी तरह बाहर निकल आया और परिजनों को सूचना देने के लिए दौड़ा। नहर में कई लोगों के डूबने की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष पसगवां रविंद्र सोनकर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर काफी ग्रामीण भी एकत्र हो गए।
एसओ ने फुर्ती दिखाई और बिना समय गंवाए नहर में छलांग लगा दी। उनके पीछे कांस्टेबल शाहरुख, गांव के चौकीदार शिव सिंह व कुछ अन्य ग्रामीण गोताखोर भी झाल में कूद गए। कड़ी मशक्कत के बाद गहरे पानी में डूबे धर्मेंद्र को बाहर निकालकर सीएचसी पसगवां ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अन्य साथी डरे हुए हैं और ज्यादा कुछ बता नहीं पा रहे हैं। उधर, धर्मेंद्र की मौत से उसका परिवार गमगीन है। गांव में भी मातम का माहौल है। धर्मेंद्र दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था। उसकी बहनों की शादी हो चुकी है। गनीमत रही कि नहर में पानी की सप्लाई बंद होने से बड़ा हादसा टल गया। आसपास के ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले भी नहर में पानी न होने के कारण झाल में नहाते समय गहराई का अंदाजा न लग पाने से कई लोगों की जान जा चुकी है। अगर नहर भरी होती तो किसी को भी बचाना नामुमकिन होता। बताया गया कि शारदा नहर में नहाते समय छह लोग डूब गए। मौके पर पहुंचकर जब तक बचाव कार्य शुरू किया जाता, तब तक धर्मेंद्र की मौत हो चुकी थी। उसके अन्य साथियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
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