Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: गुरुवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अचानक बदले मौसम के कारण खेतों में तैयार खड़ी मूंग और उड़द की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने फसलों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।

जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से जिले के कई हिस्सों में कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक नुकसान उन क्षेत्रों में हुआ है जहां बड़े पैमाने पर मूंग की खेती की गई थी। डकोर, कोंच, जालौन और माधौगढ़ क्षेत्रों में मूंग की फसल बड़े पैमाने पर बोई गई थी और अब यही क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं।

किसानों के मुताबिक, लगभग 35 से 40 हजार हेक्टेयर में लगी मूंग की फसल इस आंधी और बारिश की चपेट में आकर पूरी तरह बर्बाद हो गई है। खेतों में खड़ी फसलें तेज हवा में गिरकर और पानी में भीगकर खराब हो गईं, जिससे उत्पादन की पूरी संभावना खत्म हो गई है।

इस नुकसान के बाद किसानों में गहरी चिंता और निराशा का माहौल है। किसान अब सरकार और जिला प्रशासन से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि उन्हें कुछ आर्थिक राहत मिल सके।

हालांकि, अभी तक जिला प्रशासन की ओर से फसल नुकसान के सर्वे को लेकर कोई ठोस योजना या आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान लगातार प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर राहत राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही सर्वे शुरू नहीं किया गया तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है, क्योंकि अधिकांश किसानों ने इस फसल पर भारी निवेश किया था।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में आंधी और बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, लेकिन किसानों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करे और उचित मुआवजा प्रदान करे, ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।

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