लखनऊ। दीपावली के त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश की आपातकालीन पुलिस सेवा यूपी-112 को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक यूपी-112 बिनोद कुमार सिंह ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के यूपी-112 नोडल अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील स्थानों की निगरानी, पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (पीआरवी) की तैनाती और आपातकालीन सूचनाओं पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा की गई।
दीपावली के दौरान बाजारों, प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ आपातकालीन सेवा की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है।
हॉटस्पॉट पर रहेगी पुलिस की विशेष नजर
त्योहारों के दौरान जिन स्थानों पर अधिक भीड़ जुटने या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है, वहां विशेष निगरानी रखने पर जोर दिया गया है।बाजारों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए पीआरवी की गश्त व्यवस्था को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तैयार किया जाएगा।इसके अलावा पूर्व में प्राप्त शिकायतों और घटनाओं के आधार पर संवेदनशील स्थानों की पहचान करना भी महत्वपूर्ण होगा। इससे संभावित समस्याओं को समय रहते रोकने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
हर जिले में पीआरवी का रूट चार्ट बदलेगा
दीपावली सुरक्षा तैयारियों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू पीआरवी वाहनों के गश्ती मार्गों की समीक्षा है। त्योहार के दौरान बदलती भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए जिलों में पीआरवी का रूट चार्ट संशोधित किया जाएगा।इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपातकालीन सूचना मिलने पर पुलिस वाहन कम से कम समय में संबंधित स्थान तक पहुंच सके।सामान्य दिनों की तुलना में दीपावली पर बाजारों और मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है। कई स्थानों पर अस्थायी दुकानें लगने से रास्ते संकरे भी हो जाते हैं।ऐसी परिस्थितियों में पहले से निर्धारित गश्ती मार्गों में बदलाव उपयोगी हो सकता है। यूपी-112 की तैयारियों में संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और पीआरवी रूट चार्ट में बदलाव प्रमुख बिंदु बताए गए हैं।
रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर विशेष जोर
यूपी-112 का मुख्य उद्देश्य संकट की स्थिति में लोगों को जल्द से जल्द पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। इसी कारण अधिकारियों का ध्यान पीआरवी के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने पर भी है।आपातकालीन कॉल मिलने के बाद सूचना संबंधित पुलिस वाहन तक पहुंचती है। इसके बाद पीआरवी मौके पर पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराती है।त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकलते हैं। ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं, आपसी विवाद, भीड़ प्रबंधन और अन्य आपातकालीन घटनाओं से संबंधित सूचनाएं बढ़ने की संभावना रहती है।इस स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस वाहन उपलब्ध रखना और उनकी आवाजाही को व्यवस्थित करना आवश्यक माना जा रहा है।इससे पहले भी यूपी-112 मुख्यालय में जिला नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर प्रतिक्रिया समय कम करने, वाहनों की नियमित जांच और तकनीकी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया था।
बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बढ़ेगी सतर्कता
दीपावली के अवसर पर खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजारों में पहुंचते हैं। विशेष रूप से शाम के समय बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में भीड़ बढ़ जाती है।इसे देखते हुए पुलिस का ध्यान ऐसे स्थानों पर अधिक रहेगा जहां यातायात जाम, विवाद या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका हो सकती है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी धनतेरस और दीपावली को लेकर प्रमुख बाजारों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास चौबीसों घंटे निगरानी, पैदल गश्त और सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं क्षेत्र में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और यूपी-112 के वाहनों को लगातार सक्रिय रखने के लिए कहा गया है।
शाम छह बजे के बाद गश्त पर विशेष ध्यान
त्योहारों के मद्देनजर प्रदेश पुलिस ने शाम के समय गश्त बढ़ाने की रणनीति भी तैयार की है।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा की ओर से पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुसार, शाम छह बजे के बाद यूपी-112 के वाहन अपने निर्धारित क्षेत्रों में धीमी गति से लगातार गश्त करेंगे।निर्धारित अंतराल पर सायरन बजाकर पुलिस की मौजूदगी का संकेत देने के निर्देश भी सामने आए हैं। इसका उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ाना और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद करना है।दीपावली से छठ पर्व तक अग्निशमन सेवाओं को भी सतर्क रखने तथा संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
आपातकालीन सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल जरूरी
त्योहार के दौरान केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि अग्निशमन विभाग, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के बीच समन्वय भी आवश्यक होता है।पटाखों के उपयोग से आग लगने की घटनाओं, सड़क दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में अलग-अलग विभागों की सहायता की जरूरत पड़ सकती है।यूपी-112 की प्रशिक्षण व्यवस्था में भी पुलिस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया है। इससे किसी घटना की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग तक जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सकता है।
लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील
दीपावली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने के साथ आम नागरिकों की सतर्कता भी महत्वपूर्ण है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने सामान का ध्यान रखना, बच्चों को पटाखों से सुरक्षित दूरी पर रखना और यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है।किसी संदिग्ध गतिविधि, दुर्घटना या कानून-व्यवस्था से संबंधित आपात स्थिति में नागरिक यूपी-112 पर संपर्क कर सकते हैं।पुलिस की तैयारियों का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग दीपावली का त्योहार बिना किसी भय और परेशानी के मना सकें। संवेदनशील स्थानों की निगरानी, पीआरवी के संशोधित गश्ती मार्ग और त्वरित पुलिस सहायता के माध्यम से त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।