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अग्निवीरों के 2 साल के एक्सटेंशन पर ओवैसी ने उठाए सवाल
Ratna Netam
4 Nov 2026 8:05 PM IST

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नई दिल्ली/हैदराबाद। केंद्र सरकार की ओर से अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि में दो साल का अतिरिक्त विस्तार देने के फैसले पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को केंद्र सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अग्निवीरों को अतिरिक्त दो साल तक सेना में सेवा देने का अवसर तो मिलेगा, लेकिन क्या उन्हें नियमित सैनिकों की तरह स्वास्थ्य बीमा और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी?ओवैसी ने अग्निवीरों के भविष्य, उनकी सामाजिक सुरक्षा और सैन्य सेवा से जुड़े अधिकारों को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शुरुआत से अग्निपथ योजना का विरोध करती आई है और आज भी अपने रुख पर कायम है।
ओवैसी ने केंद्र सरकार से पूछे कई सवाल
केंद्र सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अतिरिक्त सेवा अवधि देने के साथ सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि अग्निवीरों को किन सुविधाओं का लाभ मिलेगा।उन्होंने सवाल किया कि क्या अग्निवीरों को नियमित जवानों के समान स्वास्थ्य बीमा मिलेगा और क्या सेना, नौसेना तथा वायुसेना के अन्य जवानों को मिलने वाली सुविधाएं उन्हें भी दी जाएंगी।ओवैसी ने ग्रामीण क्षेत्रों में सैन्य भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि देश के गांवों में बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होने का सपना देखते हैं। ऐसे में उनकी रोजगार सुरक्षा और भविष्य को लेकर सरकार को स्पष्ट नीति सामने रखनी चाहिए।उन्होंने देश के आसपास मौजूद सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सशस्त्र सेनाओं में सेवा देने वाले युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मोदी कैबिनेट ने दी दो साल के विस्तार को मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त दो साल की सेवा अवधि को मंजूरी दी गई।इस फैसले की जानकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने दी। उन्होंने बताया कि चार साल की प्रारंभिक सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के प्रदर्शन और उनकी उपयोगिता की समीक्षा की गई थी।पहले की व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा के लिए चुना जाता था, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा से बाहर होना पड़ता था।अब सरकार ने शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि देने का प्रावधान किया है। इस अतिरिक्त कार्यकाल को ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ कहा जा रहा है।
क्या छह साल बाद नियमित सैनिक बनेंगे अग्निवीर?
सरकार की नई व्यवस्था के अनुसार अग्निवीरों को चार साल की प्रारंभिक सेवा के बाद दो साल अतिरिक्त सेवा देने का अवसर मिलेगा।इस तरह उनकी कुल सेवा अवधि छह साल तक हो सकेगी। अतिरिक्त अवधि पूरी होने के बाद इच्छुक अग्निवीर नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकेंगे।हालांकि, नियमित सैनिक के रूप में चयन स्वतः नहीं होगा। इसके लिए निर्धारित पात्रता, प्रदर्शन और अन्य वस्तुनिष्ठ चयन मानकों को पूरा करना आवश्यक होगा।सीडीएस ने स्पष्ट किया कि नियमित सेवा में शामिल होने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन इसके लिए चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।इस निर्णय के बाद अग्निवीरों के सामने सैन्य करियर जारी रखने का एक अतिरिक्त रास्ता खुला है।
नियमित सैनिकों जैसी सुविधाओं पर क्या स्थिति है?
अग्निवीरों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर ओवैसी का सवाल महत्वपूर्ण है। अग्निपथ योजना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा शर्तें नियमित सैनिकों से अलग रही हैं।मौजूदा योजना में अग्निवीरों को सेवा के दौरान निर्धारित वेतन, भत्ते, जीवन बीमा और सेवा निधि जैसी सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि, नियमित सैन्य सेवा में मिलने वाले सभी दीर्घकालिक लाभ स्वतः अग्निवीरों पर लागू नहीं होते।नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त दो साल की सेवा करने वाले अग्निवीरों को बढ़ा हुआ वेतन और सेवा निधि का लाभ देने की बात कही गई है।लेकिन केवल दो साल का विस्तार मिलने से उन्हें नियमित सैनिकों के समान पेंशन या सभी सेवा लाभ मिलने की पुष्टि नहीं होती। नियमित कैडर में चयन होने के बाद संबंधित सेवा नियम लागू होंगे।यही कारण है कि ओवैसी ने सरकार से स्वास्थ्य बीमा और दूसरी सुविधाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।
अग्निवीरों के वेतन में भी बढ़ोतरी
सरकार के फैसले के अनुसार अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों के वेतन में भी वृद्धि की जाएगी।प्रकाशित विवरण के मुताबिक पांचवें वर्ष में मासिक पारिश्रमिक 43,500 रुपये और छठे वर्ष में 47,500 रुपये निर्धारित किया गया है।इसके साथ ही अतिरिक्त सेवा अवधि पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए सेवा निधि पैकेज में भी बढ़ोतरी की बात कही गई है।सीडीएस ने बताया कि अग्निवीरों के प्रदर्शन, अनुशासन, प्रशिक्षण और सैन्य उपयोगिता की समीक्षा के बाद अतिरिक्त सेवा अवधि देने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे सशस्त्र सेनाओं को प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों की सेवाओं का अधिक समय तक लाभ मिलेगा।
राजनाथ सिंह ने फैसले को बताया महत्वपूर्ण
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे सशस्त्र सेनाओं के दीर्घकालिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।उनके अनुसार अतिरिक्त सेवा अवधि से अग्निवीरों को सैन्य अनुभव बढ़ाने और नियमित सेवा में शामिल होने के अवसर प्राप्त होंगे।सरकार का कहना है कि आधुनिक युद्ध की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए युवा, तकनीकी रूप से सक्षम और प्रशिक्षित सैन्य बल तैयार करना आवश्यक है।अग्निपथ योजना में किया गया यह बदलाव उसी दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।
पहले बैच के अग्निवीरों को मिलेगा लाभ
अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को की गई थी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की चार साल की अवधि के लिए भर्ती शुरू हुई थी।योजना के पहले बैच के अग्निवीरों का कार्यकाल नवंबर और दिसंबर 2026 में पूरा होने वाला है।नई व्यवस्था ऐसे समय लागू की जा रही है, जब पहले बैच के बड़ी संख्या में अग्निवीरों की सेवा समाप्त होने वाली थी।सरकार के फैसले से इन जवानों को अतिरिक्त दो साल तक सशस्त्र सेनाओं में बने रहने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें आगे की सेवा और करियर से संबंधित निर्णय लेने के लिए भी अधिक समय मिल सकेगा।
अग्निपथ योजना पर जारी है राजनीतिक बहस
अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद से ही इस पर राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं। विपक्षी दल सैन्य भर्ती की अवधि, स्थायी नियुक्ति और सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं।केंद्र सरकार का पक्ष है कि योजना से सशस्त्र सेनाओं में युवा और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा। वहीं, आलोचकों का कहना है कि सैनिकों के भविष्य और सेवा संबंधी सुविधाओं पर अधिक स्पष्टता जरूरी है।अब दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि को लेकर भी यही बहस सामने आ गई है।ओवैसी के सवालों के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में है कि सेवा अवधि बढ़ाने के साथ अग्निवीरों को नियमित जवानों जैसी सुविधाएं किस सीमा तक मिलेंगी।फिलहाल सरकार ने अतिरिक्त सेवा और नियमित नियुक्ति के लिए चयन का अवसर देने की घोषणा की है। लेकिन सभी सुविधाओं की समानता को लेकर विस्तृत सेवा शर्तों का स्पष्ट होना महत्वपूर्ण रहेगा।
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