पिलखुवा टोल पर वर्दीधारी पर वसूली का आरोप, चेकिंग के दौरान VIDEO वायरल
पिलखुवा टोल पर वर्दीधारी की कथित वसूली कैमरे में कैद
हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पिलखुवा टोल प्लाजा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में चेकिंग के दौरान एक वर्दीधारी व्यक्ति कथित तौर पर वाहन चालक से पैसे लेते दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे ‘वसूली’ बताते हुए सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि मामला पिलखुवा क्षेत्र के टोल प्लाजा का है। वायरल वीडियो में सड़क पर वाहनों की जांच होती नजर आ रही है। इसी दौरान वर्दी पहने एक व्यक्ति और वाहन चालक के बीच बातचीत होती है। वीडियो शेयर करने वाले लोगों का दावा है कि चेकिंग के नाम पर वाहन चालक से पैसे लिए गए।
वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने संबंधित विभाग से मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि वीडियो में लगाए जा रहे आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
वायरल वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया और वीडियो में दिखाई दे रहा वर्दीधारी किस विभाग से जुड़ा है, इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो कई बार अधूरे संदर्भ के साथ भी शेयर किए जाते हैं। ऐसे में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था और पैसे किस कारण से दिए या लिए गए।
मामले में वीडियो की सत्यता की जांच भी अहम होगी। इसके लिए मूल वीडियो, घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की मदद ली जा सकती है। संबंधित वाहन चालक की पहचान होने पर उसका बयान भी पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
पिलखुवा टोल पर कथित वसूली का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को शेयर करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि जांच पूरी होने से पहले वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के नतीजों का इंतजार है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल वीडियो में किया जा रहा ‘वसूली’ का दावा सही है या घटनाक्रम के पीछे कोई अन्य तथ्य मौजूद है।