रेल यात्रियों को बड़ी सौगात 31 अक्टूबर को वाराणसी दिल्ली वंदे भारत स्लीपर का उद्घाटन
वाराणसी : 28 अक्टूबर 2026। भारतीय रेलवे यात्रियों को दिवाली और छठ पूजा से पहले बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के बीच देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का उद्घाटन 31 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने की संभावना है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन वाराणसी और नई दिल्ली के बीच लगभग 760 किलोमीटर की दूरी करीब साढ़े नौ घंटे में तय करेगी। इससे यात्रियों को रात में सफर करके सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित कोच होंगे और लगभग 823 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। हालांकि, नियमित परिचालन की तारीख और किराए की अंतिम आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
31 अक्टूबर को रेल मंत्री दिखाएंगे हरी झंडी
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को लेकर रेलवे प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उद्घाटन कार्यक्रम के लिए वाराणसी रेलवे स्टेशन पर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।रिपोर्टों के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इस ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की संभावना जताई गई है।नई ट्रेन की रैक रायबरेली स्थित कोच फैक्ट्री से वाराणसी पहुंच चुकी है। 23 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे इसे वाराणसी जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर लाया गया था।रेलवे अधिकारियों ने रैक की स्थिति और संचालन संबंधी तैयारियों का जायजा लिया है। उद्घाटन के दिन प्रयागराज और कानपुर सहित विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेन के स्वागत की भी तैयारियां चल रही हैं।
रात में चलेगी ट्रेन, सुबह पहुंचेंगे यात्री
इस वंदे भारत स्लीपर की सबसे बड़ी विशेषता इसका रात्रिकालीन संचालन होगा।प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी जंक्शन से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह नई दिल्ली पहुंचेगी।वापसी में ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर चलेगी और अगली सुबह वाराणसी पहुंचेगी।इससे उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो नौकरी, व्यापार, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन के लिए दिल्ली तथा वाराणसी के बीच नियमित यात्रा करते हैं।रात्रिकालीन यात्रा के दौरान यात्रियों को आरामदायक बर्थ उपलब्ध होंगी, जिससे वे रात में विश्राम कर सकेंगे।हालांकि, अलग-अलग प्रकाशित रिपोर्टों में आगमन समय को लेकर कुछ अंतर है। इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय रेलवे की अंतिम अधिसूचित समय-सारणी देखना जरूरी होगा।
प्रयागराज, कानपुर सहित इन स्टेशनों पर होगा ठहराव
नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ेगी।प्रस्तावित मार्ग में वाराणसी, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़, गाजियाबाद और नई दिल्ली शामिल हैं।इससे प्रयागराज और कानपुर के यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए एक नया प्रीमियम रेल विकल्प मिलेगा।विशेष रूप से प्रयागराज के नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को इस सेवा से सुविधा मिलने की उम्मीद है।हालांकि, सभी मध्यवर्ती स्टेशनों के ठहराव की अंतिम पुष्टि रेलवे की आधिकारिक समय-सारणी से होगी।
ट्रेन में होंगे 16 आधुनिक एसी कोच
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में कुल 16 वातानुकूलित कोच होंगे।इसमें एसी प्रथम श्रेणी, एसी द्वितीय श्रेणी और एसी तृतीय श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।उपलब्ध जानकारी के ट्रेन को 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की डिजाइन गति के अनुरूप तैयार किया गया है। हालांकि, वास्तविक परिचालन गति संबंधित रेलखंड की अनुमति और परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।आधुनिक कोचों में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आराम को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए विकसित किया गया है।इस श्रेणी की ट्रेनों में आरामदायक स्लीपर बर्थ, वातानुकूलित कोच, आधुनिक शौचालय, सूचना डिस्प्ले और बेहतर सुरक्षा प्रणाली जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है।इसका उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को सुविधाजनक बनाना है, ताकि यात्री कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।पारंपरिक लंबी दूरी की ट्रेनों की तुलना में इस सेवा का प्रमुख आकर्षण आधुनिक कोच डिजाइन और प्रीमियम यात्रा अनुभव होगा।हालांकि, वाराणसी-नई दिल्ली सेवा में उपलब्ध प्रत्येक यात्री सुविधा का अंतिम विवरण रेलवे द्वारा जारी किया जाएगा।
किराया कितना होगा और बुकिंग कब शुरू होगी?
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के किराए और टिकट बुकिंग को लेकर यात्रियों में उत्सुकता है।28 अक्टूबर तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेन के आरक्षण और किराए का विवरण यात्री टिकटिंग प्रणाली में अपडेट किया जा रहा है।रेलवे ने अंतिम किराया सार्वजनिक रूप से पुष्ट नहीं किया है। इसलिए अलग-अलग श्रेणियों के टिकट का वास्तविक मूल्य बुकिंग शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।यात्री रेलवे की आधिकारिक आईआरसीटीसी वेबसाइट और रेल आरक्षण प्रणाली पर ट्रेन संख्या 27421 तथा 27422 के आधार पर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर होगी
भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से वंदे भारत स्लीपर सेवाओं की शुरुआत की है।देश की पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा जनवरी 2026 में हावड़ा और कामाख्या के बीच शुरू हुई थी।अब वाराणसी और नई दिल्ली के बीच दूसरी स्लीपर वंदे भारत शुरू करने की तैयारी है।इसके अलावा मुंबई और बेंगलुरु के बीच भी वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है।इन नई सेवाओं के जरिए रेलवे प्रमुख धार्मिक, व्यावसायिक और औद्योगिक शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।
वाराणसी से अन्य ट्रेनों को भी मिलेगी हरी झंडी
31 अक्टूबर के कार्यक्रम में वंदे भारत स्लीपर के अलावा अन्य रेल सेवाओं की शुरुआत की भी तैयारी है।रिपोर्टों के अनुसार, बनारस सिटी से प्रयागराज रामबाग और बनारस सिटी से राजातालाब के बीच मेमू सेवाओं को हरी झंडी दिखाई जा सकती है।इसके अलावा वाराणसी से साबरमती के बीच एक नई एक्सप्रेस सेवा शुरू करने की योजना भी सामने आई है।इन ट्रेनों के संचालन से स्थानीय और लंबी दूरी के यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
पूर्वांचल के यात्रियों को होगा फायदा
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत पूर्वांचल के रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।वाराणसी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, जबकि नई दिल्ली देशकी राजधानी और बड़ा व्यावसायिक केंद्र है।दोनों शहरों के बीच बड़ी संख्या में पर्यटक, विद्यार्थी, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग यात्रा करते हैं।नई रात्रिकालीन ट्रेन सेवा के माध्यम से यात्रियों को दिन का समय बचाने और सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।फिलहाल रेलवे प्रशासन 31 अक्टूबर के प्रस्तावित उद्घाटन की तैयारियों में जुटा है। नियमित संचालन की तारीख, अंतिम ठहराव और किराए की आधिकारिक पुष्टि के बाद यात्रियों को यात्रा की पूरी जानकारी मिल सकेगी।