Ghaziabad जिले में 15 वर्ष से कम उम्र के दो हजार बच्चे टीबी से संक्रमित
"क्षय रोग विभाग"
गाजियाबाद: घर परिवार के सदस्यों के क्षय रोग (टीबी) से संक्रमित होने का खतरा बच्चों में भी बढ़ रहा है। 15 वर्ष से से कम उम्र के दो हजार से अधिक बच्चों का टीबी का इलाज चल रहा है। टीबी के बारे में जागरूक करने और बचाव के लिए हर वर्ष 24 मार्च को विश्व क्षय (टीबी) दिवस मनाया जाता है। क्षय रोग विभाग सोमवार को जागरूकता रैली निकाल लोगों को इससे बचाव व लक्षण की जानकारी देगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल यादव का कहना है कि सौ दिन में जिले में 5925 टीबी के नए मरीज ढूंढे गए। इसमें 376 मरीजों की उम्र 15 वर्ष से कम है। इस समय जिले में कुल 14386 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें 452 गंभीर मरीज (एमडीआर) हैं, जबकि 3500 मरीजों का इलाज दोबारा चल रहा है।
एमएमजी अस्पताल के पूर्व सीएमएस डॉ. वाईसी गुप्ता का कहना है कि टीबी एक हवाई संक्रमण है। किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है, लेकिन शिशुओं में इसके संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण बचपन में प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना। इसके अलावा कम जगह में अधिक लोगों के रहने से भी संक्रमण बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
टीबी मुक्त होने की 24 ग्राम पंचायत ने ठोकी दावेदारी: जिले में 24 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त मानकों को पूरा किया है। 162 ग्राम पंचायतों में 42 ने टीबी मुक्त की दावेदारी की थी। जांच के बाद 24 ग्राम पंचायतों को सत्यापित किया गया है। इसमें पांच ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पाया गया है। ग्राम पंचायतों के नाम टीबी मुक्त घोषित करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
जिले को टीबी मुक्त के लिए हरसंभव प्रयास: मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने कहा कि जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी है। स्क्रीनिंग और रोगियों के संपर्कों की जांच की जा रही है। इनका उपचार शुरू कर दिया गया है। जरूरत के अनुसार दोबारा अभियान भी चलाया जाएगा।