हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र में एटा हाईवे पर नोएडा से उन्नाव जा रही एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में कार चालक सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि ढाई वर्ष के बच्चे सहित चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, नोएडा के एकमूर्ति इलाके से सात लोग कार में सवार होकर उन्नाव जाने के लिए निकले थे। कार हरदोई जिले का रहने वाला 26 वर्षीय रामजी चला रहा था। उसके अलावा कार में 62 वर्षीय अवधेश, 50 वर्षीय जगतपाल, 33 वर्षीय राजीव कुमार, उनकी 30 वर्षीय पत्नी गोल्डी, ढाई वर्षीय बेटा नक्श और 35 वर्षीय माया सवार थीं।
यात्रा के दौरान कार शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के उमरावपुर गांव के पास पहुंची। पुलिस का कहना है कि कार की रफ्तार अधिक थी और चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे लोग अंदर फंस गए।
देर रात हाईवे पर हुए हादसे के बाद वहां से गुजर रहे लोगों और आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही सिकंदराराऊ कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से कार में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। दुर्घटना में रामजी, अवधेश और जगतपाल गंभीर रूप से घायल हुए थे। तीनों की मौत होने की पुष्टि की गई।
राजीव कुमार, उनकी पत्नी गोल्डी, ढाई वर्षीय बेटे नक्श और माया को भी दुर्घटना में चोटें आईं। पुलिस ने एंबुलेंस की सहायता से चारों घायलों को तत्काल सिकंदराराऊ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए सभी को हाथरस जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य कराया। मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। एक साथ तीन लोगों की मौत की खबर मिलने से उनके परिवारों में मातम छा गया है।
पुलिस अब दुर्घटना के सही कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी में कार की तेज रफ्तार के कारण नियंत्रण बिगड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि वाहन में किसी तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति या चालक को अचानक नींद की झपकी आने जैसी अन्य संभावनाओं की भी जांच की जा सकती है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
रात के समय लंबी दूरी की यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं के पीछे तेज रफ्तार, चालक की थकान और कम दृश्यता जैसे कारण अक्सर सामने आते हैं। पुलिस और परिवहन विभाग वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सीट बेल्ट लगाने और लंबी यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम करने की अपील करते हैं। छोटे बच्चों को भी उनकी उम्र के अनुसार सुरक्षित चाइल्ड सीट पर बैठाना जरूरी है।
उमरावपुर के पास हुआ यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार से वाहन चलाने के खतरों को सामने लाता है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घायलों की स्वास्थ्य स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।