लखनऊ। राजधानी लखनऊ के दुबग्गा इलाके में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी बाधा दूर हो गई है। लंबे समय से प्रस्तावित दुबग्गा फ्लाईओवर के निर्माण के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध हो गई है। अब फ्लाईओवर का निर्माण कार्य इसी सप्ताह शुरू होने की तैयारी है। नई व्यवस्था के तहत फ्लाईओवर को दुबग्गा मंडी के पीछे से निकाला जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद दुबग्गा और आसपास के इलाकों में रोजाना लगने वाले जाम से वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दुबग्गा राजधानी के व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां मंडी के साथ ही कई प्रमुख मार्गों का यातायात एक स्थान पर आने के कारण सुबह और शाम के समय वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। मंडी में फल और सब्जियां लेकर आने वाले भारी वाहनों के साथ स्थानीय यातायात के कारण कई बार लंबा जाम लग जाता है। ऐसे में फ्लाईओवर के निर्माण को क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जमीन मिलने के बाद निर्माण का रास्ता साफ
फ्लाईओवर परियोजना के सामने जमीन की उपलब्धता बड़ी चुनौती बनी हुई थी। आवश्यक भूमि नहीं मिलने के कारण निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अब संबंधित जमीन उपलब्ध होने के बाद परियोजना को जमीन पर उतारने का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों की तैयारी के मुताबिक निर्माण एजेंसी इसी सप्ताह से मौके पर काम शुरू कर सकती है।
शुरुआती चरण में निर्माण स्थल की बैरिकेडिंग, जमीन की सफाई, मशीनों और निर्माण सामग्री की व्यवस्था जैसे काम किए जाएंगे। इसके बाद पिलर और फ्लाईओवर के अन्य हिस्सों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। निर्माण के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम करने की योजना बनाई जा सकती है।
मंडी के पीछे से गुजरेगा फ्लाईओवर
दुबग्गा फ्लाईओवर की सबसे महत्वपूर्ण बात इसका प्रस्तावित मार्ग है। फ्लाईओवर को दुबग्गा मंडी के पीछे से निकालने की तैयारी की गई है। इससे मुख्य मार्ग पर निर्माण का दबाव कम करने के साथ मंडी क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दुबग्गा मंडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन पहुंचते हैं। सुबह के समय मंडी में वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। ट्रक, पिकअप, लोडर और छोटे व्यावसायिक वाहनों के साथ सामान्य यातायात भी इसी क्षेत्र से गुजरता है। फ्लाईओवर बनने के बाद सीधे आगे जाने वाले वाहनों को नीचे के यातायात में फंसने की जरूरत कम होगी।
इससे फ्लाईओवर के नीचे स्थानीय यातायात और मंडी आने-जाने वाले वाहनों के लिए अलग व्यवस्था बनाने में भी आसानी हो सकती है। हालांकि निर्माण के दौरान यातायात प्रबंधन प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रहेगा।
रोजाना के जाम से मिलेगी राहत
दुबग्गा क्षेत्र में जाम लंबे समय से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतारें लगने से कुछ मिनट का रास्ता तय करने में काफी समय लग जाता है। बाजार और मंडी की गतिविधियों के कारण कई स्थानों पर वाहनों की गति धीमी हो जाती है।
फ्लाईओवर बनने के बाद मुख्य मार्ग से गुजरने वाले यातायात का एक बड़ा हिस्सा ऊपर से निकल सकेगा। इससे नीचे की सड़क पर वाहनों का दबाव घटने की संभावना है। इसका फायदा स्थानीय निवासियों के साथ ही दुकानदारों, व्यापारियों और मंडी आने वाले किसानों तथा कारोबारियों को भी मिलेगा।
दुबग्गा से होकर प्रतिदिन दूसरे इलाकों की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए भी सफर आसान हो सकता है। यातायात का दबाव कम होने से यात्रा में लगने वाला समय घटेगा और प्रमुख चौराहों पर वाहनों की कतार भी छोटी होने की उम्मीद है।
निर्माण शुरू होते ही बदल सकती है ट्रैफिक व्यवस्था
फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होने के बाद कुछ समय के लिए इलाके में यातायात व्यवस्था में बदलाव करना पड़ सकता है। भारी मशीनें, निर्माण सामग्री और बैरिकेडिंग के कारण सड़क के कुछ हिस्सों की चौड़ाई कम हो सकती है। ऐसे में यातायात विभाग को वैकल्पिक मार्ग और डायवर्जन व्यवस्था लागू करनी पड़ सकती है।
निर्माण के दौरान सबसे ज्यादा चुनौती व्यस्त समय में होगी। मंडी के वाहनों और सामान्य यातायात को एक साथ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त यातायात कर्मियों की जरूरत पड़ सकती है। यदि किसी हिस्से में पिलर निर्माण के लिए सड़क बंद करनी पड़ती है तो वाहनों को आसपास के रास्तों से निकाला जा सकता है।
स्थानीय लोगों के लिए यह निर्माण अवधि कुछ समय तक परेशानी का कारण बन सकती है, लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मंडी के कारोबार को भी मिलेगा फायदा
दुबग्गा मंडी शहर के महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों में से एक है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, किसान और मालवाहक वाहन पहुंचते हैं। जाम की वजह से कई बार माल लेकर आने वाले वाहनों को मंडी तक पहुंचने और वहां से निकलने में अतिरिक्त समय लगता है।
फ्लाईओवर के जरिए सामान्य यातायात का बड़ा हिस्सा अलग होने पर मंडी के आसपास मालवाहक वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकती है। इससे व्यापारियों को समय की बचत होने के साथ माल की ढुलाई भी आसान होने की उम्मीद है।
विशेष रूप से सुबह के समय मंडी में गतिविधियां सबसे अधिक रहती हैं। इसी दौरान शहर का सामान्य यातायात भी बढ़ने लगता है। दोनों तरह के वाहनों के एक ही मार्ग पर आने से जाम की स्थिति पैदा होती है। फ्लाईओवर इस समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
आसपास के इलाकों को भी होगा लाभ
इस परियोजना का फायदा केवल दुबग्गा मंडी तक सीमित नहीं रहेगा। आसपास की कॉलोनियों और प्रमुख मार्गों पर रहने वाले लोगों को भी बेहतर यातायात व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्य सड़क पर दबाव कम होने से संपर्क मार्गों पर भी जाम की समस्या कम हो सकती है।
फ्लाईओवर तैयार होने के बाद क्षेत्र में वाहनों की औसत गति बढ़ सकती है। साथ ही चौराहों और मुख्य सड़क पर बार-बार बनने वाली जाम की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। सार्वजनिक परिवहन के वाहनों को भी इसका फायदा मिलेगा।
हालांकि परियोजना का वास्तविक असर फ्लाईओवर तैयार होने और नई यातायात व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन के लिए यह भी जरूरी होगा कि फ्लाईओवर के प्रवेश और निकास वाले हिस्सों पर यातायात का नया दबाव पैदा न हो।
इसी सप्ताह निर्माण शुरू करने की तैयारी
जमीन की बाधा दूर होने के बाद अब परियोजना तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। निर्माण इसी सप्ताह शुरू करने की तैयारी है। शुरुआती काम पूरा होने के बाद पिलर और फ्लाईओवर के मुख्य ढांचे पर काम तेज किया जाएगा।
निर्माण एजेंसी के सामने समय पर परियोजना पूरी करने के साथ यातायात को सुचारु बनाए रखने की दोहरी चुनौती होगी। स्थानीय लोगों की नजर भी अब परियोजना की निर्माण गति पर रहेगी।
दुबग्गा फ्लाईओवर के निर्माण की शुरुआत राजधानी की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। लंबे समय से जाम की समस्या झेल रहे दुबग्गा के लोगों को इस परियोजना से बड़ी उम्मीदें हैं। जमीन मिलने और निर्माण शुरू होने की तैयारी के साथ अब फ्लाईओवर के धरातल पर उतरने का इंतजार खत्म होने जा रहा है।
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