उत्तर प्रदेश : दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे से हरिद्वार, देहरादून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों को अब पहले की तुलना में अधिक टोल टैक्स चुकाना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से एक्सप्रेसवे पर स्थित प्रमुख टोल प्लाजा की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें एक अगस्त से लागू हो चुकी हैं, जिसके बाद निजी वाहन चालकों से लेकर बस और ट्रक संचालकों तक सभी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। बढ़ी हुई टोल दरों का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना इस मार्ग से यात्रा करते हैं या हरिद्वार और देहरादून जैसे प्रमुख शहरों की ओर नियमित आवाजाही करते हैं।
नई व्यवस्था के तहत वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर से पहले स्थित गणेशपुर टोल प्लाजा, रसूलपुर टोल प्लाजा और छुटमलपुर के पास सैयदमाजरा टोल प्लाजा पर संशोधित दरें लागू की गई हैं। गणेशपुर टोल प्लाजा पर कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का टोल शुल्क 145 रुपये से बढ़ाकर 155 रुपये कर दिया गया है। वहीं, यदि कोई वाहन चालक एक ही दिन में वापसी करता है तो उसे अब 230 रुपये का टोल देना होगा। इस बढ़ोतरी के बाद नियमित यात्रा करने वालों के मासिक खर्च में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सबसे अधिक बढ़ोतरी सैयदमाजरा टोल प्लाजा पर की गई है। यहां कार और हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 85 रुपये से बढ़ाकर 115 रुपये कर दिया गया है। वहीं, एक दिन के भीतर आने-जाने वाले वाहनों के लिए अब 170 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। खास बात यह है कि कुछ समय पहले ही इसी टोल प्लाजा पर कारों का टोल 35 रुपये से बढ़ाकर 85 रुपये किया गया था और अब दोबारा बढ़ोतरी कर इसे 115 रुपये कर दिया गया है। लगातार बढ़ रही टोल दरों से स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।
फास्टैग आधारित मासिक और अधिकतम 50 यात्राओं वाले पास की दरों में भी संशोधन किया गया है। गणेशपुर टोल प्लाजा पर अधिकतम 50 यात्राओं के लिए मासिक पास की कीमत 5,135 रुपये तय की गई है, जबकि सैयदमाजरा टोल प्लाजा पर इसके लिए 3,800 रुपये चुकाने होंगे। वहीं बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए भी टोल दरों में बढ़ोतरी लागू हुई है। गणेशपुर टोल प्लाजा पर बस या ट्रक के लिए एक तरफ का टोल 520 रुपये, वापसी का 780 रुपये और 50 यात्राओं वाले मासिक पास की कीमत 17,380 रुपये निर्धारित की गई है। सैयदमाजरा टोल प्लाजा पर बस और ट्रक के लिए क्रमशः 385 रुपये, 580 रुपये और 12,865 रुपये का शुल्क तय किया गया है।
नई दरों के लागू होने के बाद स्थानीय निवासी, टैक्सी चालक, ट्रांसपोर्टर और व्यावसायिक वाहन संचालक इस फैसले पर नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि कम समय के भीतर लगातार टोल शुल्क बढ़ाए जाने से यात्रा की लागत काफी बढ़ गई है। इसका असर न केवल निजी यात्रियों पर पड़ेगा, बल्कि माल परिवहन की लागत बढ़ने से वस्तुओं के दाम पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। रोजाना इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों का कहना है कि बार-बार टोल बढ़ने से उनकी मासिक यात्रा का बजट काफी प्रभावित हो रहा है।
दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के अलावा रसूलपुर-लाखनौर टोल और बागपत स्थित टोल प्लाजा पर भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। ऐसे में दिल्ली से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जाने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा। यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को अपने बजट में अतिरिक्त राशि का प्रावधान रखना होगा ताकि रास्ते में टोल शुल्क को लेकर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इससे पहले अलीगढ़-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इब्राहिमपुर टोल प्लाजा की दरों में भी संशोधन किया गया था। वहां संसाधनों के विस्तार और नए अनुबंध के आधार पर एनएचएआई ने कई श्रेणी के वाहनों के लिए टोल शुल्क बढ़ाया था। हालांकि कारों के आने-जाने के टोल शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन अन्य श्रेणी के वाहनों के लिए अतिरिक्त शुल्क लागू हुआ था। लगातार विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल दरों में हो रही बढ़ोतरी से लंबी दूरी की सड़क यात्रा पहले की तुलना में अधिक महंगी होती जा रही है, जिसका सीधा असर आम यात्रियों और परिवहन क्षेत्र पर दिखाई देने लगा है।