एक करोड़ की लागत से सुधरेगी शौचालय सफाई व्यवस्था

Update: 2026-07-13 10:10 GMT

ज्ञानपुर (भदोही)। जिले में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। भदोही तहसील क्षेत्र के पिपरिस गांव में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से जिले का दूसरा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) स्थापित किया जाएगा। इस प्लांट के शुरू होने के बाद सामुदायिक शौचालयों से निकलने वाले मल-जल का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा। साथ ही इससे तैयार होने वाली खाद का उपयोग भी किया जाएगा।

पेयजल एवं स्वच्छता जल शक्ति मंत्रालय की ओर से प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत इस एफएसटीपी की स्थापना की योजना तैयार की गई है। इसके लिए प्रशासन ने जमीन चिह्नित कर ली है। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की ओर से तहसील प्रशासन को प्लांट निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद पिपरिस गांव में जमीन का चयन किया गया।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बनने वाले इस प्लांट का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है। एफएसटीपी में सामुदायिक शौचालयों और अन्य स्थानों से निकलने वाले मल-जल को एकत्र कर आधुनिक तकनीक से उपचारित किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इससे जैविक खाद तैयार की जाएगी, जिसका उपयोग विभिन्न कार्यों में किया जा सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार, एफएसटीपी के निर्माण से ग्राम पंचायतों को काफी राहत मिलेगी। वर्तमान में कई पंचायतों को शौचालयों की सफाई और मल-जल निस्तारण के लिए अलग से खर्च करना पड़ता है। प्लांट शुरू होने के बाद यह व्यवस्था अधिक आसान और कम खर्चीली हो जाएगी। इसके अलावा खुले में गंदगी फैलने की समस्या पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

भदोही जिले में यह दूसरा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट होगा। इससे पहले ज्ञानपुर ब्लॉक के भगवास गांव में एफएसटीपी लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब भदोही ब्लॉक के पिपरिस गांव में दूसरा प्लांट स्थापित होने से जिले के अधिक क्षेत्रों को इसका लाभ मिल सकेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और सामुदायिक शौचालयों की संख्या को देखते हुए मल-जल प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में एफएसटीपी जैसे प्लांट पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के लिए अहम भूमिका निभाएंगे। इसके माध्यम से गंदे पानी और मल-जल को बिना नुकसान पहुंचाए वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जा सकेगा।

प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद जिले में स्वच्छता अभियान को नई गति मिलेगी। पंचायत स्तर पर सफाई व्यवस्था बेहतर होगी और ग्रामीणों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। प्लांट के निर्माण से रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों ने भी इस योजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि गांव में आधुनिक तकनीक आधारित स्वच्छता सुविधा मिलने से क्षेत्र का वातावरण बेहतर होगा। अब लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा और पिपरिस गांव में बनने वाला एफएसटीपी जिले की स्वच्छता व्यवस्था में एक नया उदाहरण पेश करेगा।

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